मां भवानी नाथ बाल्मीकि हुईं आप में शामिल
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हाईप्रोफाइल मानी जाने वाली इलाहाबाद लोक सभा सीट से पहली बार किन्नर अखाड़े की महामंडलेश्वर भवानी मां के ताल ठोकने से मुकाबला रोचक होने के आसार हैं। महामंडलेश्वर भवानी मां को आम आदमी पार्टी ने उम्मीदवार बनाया है। कुंभ में जूना अखाड़े के साथ पेशवाई से लेकर शाही स्नान तक आकर्षण का केंद्र रहीं भवानी मां का कहना है कि वह बेरोजगारी और नोटबंदी जैसे सवालों को लेकर जनता के बीच जाएंगी।
संसदीय चुनाव में यह पहा मौका है, जब किसी राजनीतिक दल ने किन्नर समाज के प्रति भरोसा जताते हुए यह मान दिया है। दिल्ली के चाणक्यपुरी की किन्नर भवानी का सफर कम दिलचस्प नहीं है। भवानी मां बताती हैं कि उनका जन्म तो हिंदू परिवार में हुआ था, लेकिन उतार -चढ़ाव केबीच उन्होंने वर्ष 10-11 में इस्लाम कबूल कर लिया था। इसके बाद वह भवानी से शबनम हो गईं थीं। शबनम के रूप में उन्होंने हज के अरकान भी पूरे किए हैं। वह बताती हैं कि वर्ष 2015 में किन्नर अखाड़े की आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी के संपर्क में आईं। इसके बाद उनकेजीवन में बड़ा बदलाव आया।
उन्होंने 2016 में सनातन धर्म स्वीकार किया और किन्नर अखाड़े में उत्तर भारत के पीठाधीश्वर की जिम्मेदारी उनको सौंपी गई। वर्ष 2016 के उज्जैन कुंभ में उनके काम को सराहा गया था। इसी के साथ तरक्की की राह खुलती गई और फिर वर्ष 2017-18 में उनको किन्नर अखाड़े की ओर से मंडलेश्वर की पदवी से नवाजा गया। फिर, प्रयागराज के कुंभ में वह उत्तर भारत की महामंडलेश्वर बनाई गईं। आम आदमी पार्टी के टिकट पर चुनाव मैदान में उतरीं भवानी मां अपने राजनीतिक कॅरियर की शुरुआत को लेकर बेहद उत्साहित हैं। उनका कहना है कि वह जनता के मुद्दों को लेकर लड़ेंगी और प्रयागराज के लोगों से संवाद करेंगी। इलाहाबाद संसदीय सीट हमेशा से दिग्गजों की सीट रही है। इस सीट से लाल बहादुर शास्त्री, वीपी सिंह, मुरली मनोहर जोशी, जनेश्वर मिश्रा जैसे दिग्गजों के साथ ही अभिनेता अमिताभ बच्चन भी सांसद रह चुके हैं।
महामंडलेश्वर भवानी मां: किन्नर अखाड़ा
जन्म : 11 नवंबर 1972, चाणक्यपुरी-नई दिल्ली
पिता: चंद्रपाल सिंह
माता: राजवंती देवी
टिकट मिलने के बाद आम आदमी की प्रत्याशी महामंडेश्वर भवानी मां तीन अप्रैल की सुबह प्रयागराज एक्सप्रेस से यहां पहुंचेंगी। उनके साथ किन्नरों की टीम भी आ रही है। भवानी मां ने बताया कि कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर वह चुनाव की रणनीति तय करेंगी, ताकि जंग जीती जा सके।