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प्रतिपदा पर कलश स्थापना कल

Tue, 28 Mar 2017 01:43 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो इलाहाबाद
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इलाहाबाद - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो इलाहाबाद
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देवी आराधना का पर्व चैत्र नवरात्र बुधवार से शुरू हो रहे हैं। चैत्र शुक्ल पक्ष प्रतिपदा से घर-घर देवी की उपासना की जाएगी। लोग व्रत रखेंगे, कलश स्थापना करेंगे। देवी के नौ स्वरूपों की विधिविधान से पूजा अर्चना होगी। इस बार द्वितीया तिथि का क्षय होने से पहले दिन भगवती के शैलपुत्री एवं ब्रह्मचारिणी स्वरूप की पूजा अर्चना की जाएगी।
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शहर के प्रमुख सिद्धपीठों मीरापुर स्थित सिद्धपीठ ललिता देवी मंदिर, कल्याणी स्थित सिद्धपीठ कल्याणी देवी, अलोपीबाग स्थित सिद्धपीठ अलोपशंकरी, चौक गंगादास स्थित शक्तिपीठ खेमामाई आदि मंदिरों को रंगबिरंगी बिजली के झालरों और कपड़ों से सजाया गया है। सिद्धपीठों मेें देवी जागरण दुर्गा सप्तशती का पाठ, शतचंडी यज्ञ होंगे। मीरापुर स्थित सिद्धपीठ ललिता देवी मंदिर में कोलकाता के सज्जाकार दिनेश की देखरेख में त्रिपुर सुंदरी ललिता देवी का शृंगार होगा। 108 ज्योति जलाकर देवी जागरण से पहले वैदिक आचार्यों के निर्देशन में शतचंडी महायज्ञ आरंभ होगा। मध्यरात्रि को शयन आरती होगी। मंदिर समिति के प्रवक्ता सुमित श्रीवास्तव के मुताबिक अध्यक्ष हरिमोहन वर्मा की देखरेख में नवरात्र पर्व श्रद्धा और हर्षोल्लास के साथ मनाया जाएगा। महिला मंडलियों की ओर से भक्ति गीतों और भजनों की प्रस्तुतियां होंगी। श्रद्धालुओं की सहायता के लिए मंदिर समिति की ओर से स्वयंसेवकों की टीम तैयार की गई है।

इसके अतिरिक्त सिविल लाइंस स्थित सिद्धेश्वरी गुप्तपीठ, हाईकोर्ट हनुमान मंदिर मंदिर, अष्टभुजी मंदिर, सिविल लाइंस हनुमत निकेतन के दुर्गा मंदिर, कर्नलगंज कालीबाड़ी, कटरा कालीबाड़ी आदि में कलश स्थापना सहित अनेक अनुष्ठान होंगे।
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- नए पालने में झूलेंगी अलोपशंकरी
सिद्धपीठ अलोपशंकरी मंदिर में चैत्र नवरात्र के उपलक्ष्य में भगवती का पालना मंगलवार की मध्यरात्रि बारह बजे बदला जाएगा। महानिर्वाणी अखाड़े के सचिव श्रीमहंत रामसेवक गिरि की देखरेख में विशेष अनुष्ठान शुरू होंगे। महंत यमुना पुरी के मुताबिक हर दिन देवी का मनोहारी शृंगार, दुर्गा सप्तशती का पाठ, महाआरती होगी। मंदिर परिसर में आचार्यों द्वारा शतचंडी यज्ञ होगा। अखाड़े की ओर से श्रद्धालुओं को किसी तरह की असुविधा न हो, इसके लिए विशेष व्यवस्था की गई है।

- कल्याणी देवी का नवरात्र में महाभिषेक
कल्याणी देवी मंदिर में नवरात्र के दौरान कल्याणी का महाभिषेक रोजाना चार बजे से पांच बजे तक होगा। श्यामजी पाठक के मुताबिक नवरात्र के पहले दिन भगवती के प्रथम शैलपुत्री तदुपरांत ब्रह्मचारिणी स्वरूप में कल्याणी देवी का शृंगार होगा। मां कल्याणी स्वर्ण एवं रत्न जड़ित आभूषण धारण कर भक्तों को दर्शन देंगी। मंदिर के कपाट सुबह पांच बजे खुलेंगे। छह बजे से शृंगार दर्शन शुरू होंगे। भक्तों के लिए मंदिर के कपाट रात बारह बजे तक दर्शन पूजन के लिए खुले रहेंगे।

- कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त
कलश स्थापना का सर्वोत्तम मुहूर्त बुधवार की भोर 5:53 से 6:32 तक है। अभिजित मुहूर्त दोपहर 11.39 से 12.27 बजे तक है। इस मुहूर्त में भी कलश स्थापना की जा सकेगी। अखिल भारतीय ज्योतिष परिषद के राष्ट्रीय महामंत्री अविनाश राय के मुताबिक चैत्र शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा का संचरण मंगलवार सुबह 8:14 बजे से हो रहा है जो बुधवार की सुबह 6:32 तक रहेगी। द्वितीया तिथि बुधवार को सुबह 6.32 बजे से आरंभ होकर बृहस्पतिवार की भोर में 4.24 बजे तक रहेगी। ऐसे में उदयातिथि न होने से द्वितीया तिथि की हानि है। बृहस्पतिवार को तृतीया है।  द्वितीया तिथि की हानि से अबकी नवरात्र आठ दिनों का ही है।

- महिमा लाल रंग की
लाल रंग ऊर्जा का प्रतीक है इसलिए देवी को विशेष प्रिय है। उनकी आराधना के लिए पूजन सामग्री से लेकर चोला, चुनरी सभी लाल रंग की होनी चाहिए। आचार्य विद्याकांत पांडेय के मुताबिक देवी को लाल चुनरी के साथ लाल सिंदूर, लाल चंदन, लाल गुड़हल का फूल चढ़ाने का विधान है।
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- कामना पूर्ति को करें अर्पित
गाय का घी/आरोग्य की प्राप्ति
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