फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Jyotish MahaKumbh : डिप्टी सीएम केशव बोले- ज्योतिष में समुद्र की तरह गहराई, कुंभ-महाकुंभ इसी शास्त्र पर आधारित

Sat, 25 Jan 2025 05:34 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, महाकुंभ नगर (प्रयागराज)

सार

आज महाकुंभ नगर में अमर उजाला और उससे जुड़े उपक्रम जीवांजलि और माय ज्योतिष की ओर से 'अमर उजाला ज्योतिष महाकुंभ महोत्सव' हो रहा है, जिसमें कई ज्योतिषाचार्य मौजूद हैं। समापन समारोह के मुख्य अतिथि डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने ज्योतिषियों और वास्तुशास्त्र विशेषज्ञों को सम्मानित किया। 
विज्ञापन
अमर उजाला ज्योतिष महाकुंभ में डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य का स्वागत किया गया। - फोटो : अमर उजाला।
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

ज्योतिष शास्त्र में रुचि रखने वालों के लिए इंतजार की घड़ी खत्म हो गई है। प्रयागराज में 'अमर उजाला ज्योतिष महाकुंभ महोत्सव' हो रहा है। अमर उजाला और उससे जुड़े उपक्रम जीवांजलि और माय ज्योतिष की ओर से हो रहे इस महोत्सव में ज्योतिष शास्त्र के विशेषज्ञ जुटे हैं। अलग-अलग विषयों पर विचार विमर्श होगा।

विज्ञापन


महोत्सव में ज्योतिष शास्त्र व गूढ़ रहस्यों के साथ-साथ वैदिक ज्योतिष, मंत्रों का महत्व, टैरो कार्ड और आधुनिकता में छिपे ज्योतिष के प्राचीन रहस्य जैसे विषयों पर चर्चा होगी। कार्यक्रम का शुभारंभ मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी ने दीप प्रज्वलन कर किया। प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य कार्यक्रम का सपामन करेंगे।

इस दौरान मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी ने अपने भाषण में कहा कि अमर उजाला को इस आयोजन के लिए शुभकामनाएं। भारतीय ज्ञान परंपरा और संस्कृति दुनिया में सबसे प्राचीनतम है। हमारे शास्त्रों ने हमें वास्तु शास्त्र और आयुर्वेद जैसे अनेक बहुमूल्य उपहार दिए हैं। ज्योतिष शास्त्र इनमें सबसे महत्वपूर्ण है। 
विज्ञापन


सनातन धर्म में मुहूर्त का बड़ा ही महत्व है। हमारे यहां कहा गया है- माघ मकर गत रवि जब होई, तीरथ पतिहिं आव सब कोई। ...ग्रहों की स्थिति व्यक्ति और उसके जीवन पर गहरा प्रभाव डालती है। यह प्रामाणिक बात है। इसलिए ज्योतिष को ज्योतिष विज्ञान भी कहा जाता है। 

'ज्योतिष ने ही महाकुंभ में 144 साल बाद बने योग के बारे में बताया'
ज्योतिष ने ही हमें बताया है कि इस बार महाकुंभ पर जो योग बना है, वह 144 साल बाद आया है। 2019 में जब कुंभ हुआ था, तो 24 करोड़ लोग यहां आए थे। अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में इस बार यहां महाकुंभ हो रहा है। हाल ही में मेरी मोरारी बापू जी से यह चर्चा हुई कि लोग महाकुंभ में डुबकी लगाने आते हैं, लेकिन इतने संत भी यहां आते हैं, लोगों को उनके चरणों की धूल भी साथ लेकर जानी चाहिए। मोरारी बापू जी ने कहा कि गौतम नारि श्राप बस उपल देह धरि धीर। चरन कमल रज चाहति कृपा करहु रघुबीर। ...यानी महापुरुषों के चरणों की धूल लेकर जाना चाहिए। अब तक 11 करोड़ लोग महाकुंभ में आकर स्नान कर चुके हैं। 

'ज्योतिष में समाधान मौजूद हैं'

ज्योतिष शास्त्र के बारे में मंत्री नंदी ने कहा कि कुछ लोग अपने-अपने तर्क देते हैं, लेकिन मेरा निजी अनुभव अच्छा रहा है। मेरे सामने कई संकट आए, लेकिन एक ज्योतिषी ने मेरे बारे में जो भविष्यवाणी की थी, वो सही साबित हुई। ज्योतिष की सबसे सुंदर बात है कि अगर कोई दोष है या ग्रहों की दिशा विपरीत है तो उसका समाधान भी मौजूद है। जैसे डॉक्टर दवा देता है, वैसे ही ज्योतिषाचार्य भी ग्रहों की दशा के हिसाब से निदान बताते हैं। जब रामलला के लिए भव्य-दिव्य मंदिर बना, तब काल गणना के अनुसार मुहूर्त निकालकर ही मूर्ति की प्राण-प्रतिष्ठा हुई।

उमर उजाला डिजिटल के संपादक जयदीप कार्णिक मुख्य अतिथि और अन्य अतिथियों का स्वागत मंच के माध्यम से कर रहे हैं। कहा की यह पुण्य कर्मों का फल है जो हम तीर्थों के राजा प्रयागराज में पहुंचे हैं। आज एकादशी समेत अन्य संयोगों के चलते भीड़ ज्यादा है। 

10:31 AM, 25-Jan-2025 


लाल किताब विशेषज्ञ आचार्य गुरु जीडी वशिष्ठ मंच पर पहुंचे

जीडी वशिष्ठ ने लाल किताब का जिक्र करते हुए कहा-लाल किताब का नाम इसीलिए लाल किताब रखा गया था की हमारे शरीर के अंदर में जो 2 तारे हैं सूर्य और चंद्रमा और पंचमहापुरुष ये विराजमान रहते हैं। ये विराजमां रहते हैं शरीर के अंदर बहते हुये पानी के अंदर। 

10:49 AM, 25-Jan-2025 

एक किताब सबके लिए पाठ्यक्रम कैसे?

जीडी वशिष्ठ के अनुसार हर इंसान जो धरा पर पैदा हो गया  वो अपने अलग अलग ग्रह मतलब की अलग अलग घरों को लेकर पैदा होता है। मतलब चंद्रमा का तो फरक पड़ ही जाता है। उसके अनुसार उसकी सोच अलग प्रकार की बन जाती है।

10:57 AM, 25-Jan-2025
फॉर्मूला आधारित है ज्योतिष : जीडी वशिष्ठ
लाल किताब विशेषज्ञ जीडी वशिष्ठ ने कहा कि इस समय आकाश में ग्रहों की स्थिति इस प्रकार की है कि महाकुंभ की धरती पर जो पानी है, वह अमृततुल्य है। यहां त्रिवेणी है। ...जब इंसान ग्रहों की अलग-अलग स्थिति में जन्म लेता है तो इससे उसकी सोच दूसरों से अलग हो जाती है। ज्योतिष विज्ञान में कई लोग यह गलती कर देते हैं कि वे एक घर के अंदर बैठे ग्रह के फल को पढ़ देते हैं। ज्योतिष असल में विज्ञान, गणित और फॉर्मूला आधारित है। जो इस फॉर्मूला को समझ जाए, वह भविष्य बता सकता है। ज्योतिष विज्ञान है, लेकिन इसे समझने के लिए आपके पास वैज्ञानिकों जैसा दिमाग भी होना चाहिए।

11:00 AM, 25-Jan-2025
'ग्रहों की दशा से अलग एक महत्वपूर्ण चीज है- संस्कार'
जीडी वशिष्ठ ने कहा कि वे सात फरवरी को 'वशिष्ठ ज्योतिष' की शुरुआत करने जा रहे हैं। जब तक हम किसी चीज की गहराई में नहीं उतर जाते, तब तक उसके बारे में पूरा ज्ञान नहीं मिल पाता। ऋषि-मुनियों ने ग्रहों की दिशा से अलग हमें एक महत्वपूर्ण चीज बताई, जिसका नाम है संस्कार। आजकल लोग व्यसनों से जूझ रहे हैं, बच्चे बिगड़ रहे हैं। ऐसा न हो, इसके लिए ही संस्कार बनाए गए थे। जिनके ग्रह खराब हैं, उनके आचार-विचार को भी नियंत्रण में रखा जाए, इसी के लिए संस्कार बने थे। दुनिया में बड़ी सोच वाले लोग सिर्फ 20 फीसदी है, उनमें भी श्रेष्ठ विचार रखने वालों की संख्या एक-दो फीसदी ही है। दुनिया में आज नासमझों की भीड़ बहुत ज्यादा है।

11:06 AM, 25-Jan-2025
ज्योतिष की जड़ें कितनी प्राचीन? 
आदिकाल में कोई भी ग्रहण लगता था उस समय जीव जन्तु अलग व्यवहार कर रहे हैं।  तो लोगों का लगा कुछ बात तो है जो प्रभाव डाल रही है। उस समय सूर्य ग्रहण लगता है। ज्योतिष के 2 भाग होते हैं एक गणितीय पक्ष और एक होता है फलित पक्ष। गणित के बेगैर फलित अधूरा है। मानव के हितों के लिए कैसे ज्योतिष शास्त्र का कैसे सदुपयोग हो इसके लिए इस परिकल्पना को आगे बढ़ाया।

11:06 AM, 25-Jan-2025

ज्योतिष को आध्यात्म से जोड़ना जरूरी- डॉ. पंडित संजीव श्रीवास्तव

ज्योतिषाचार्य डॉ. पंडित संजीव श्रीवास्तव हर घर में एक ज्योतिष हो, इससे समस्याएं दूर हो सकती हैं। सितंबर 2015 में बोला था कि राम मंदिर का विवाद सुलझ जाएगा। नक्षत्रों का ध्यान रखते हैं तो अनुमान सही होते हैं। ज्योतिष को आध्यात्म से जोड़ना जरूरी है।


11:15 AM, 25-Jan-2025

ज्योतिष डॉ. आनंद ने कहा कि हर घर में एक ज्योतिष हो, इससे समस्याएं दूर हो सकती हैं। सितंबर 2015 में बोला था कि राम मंदिर का विवाद सुलझ जाएगा। नक्षत्रों का ध्यान रखते हैं तो अनुमान सही होते हैं। ज्योतिष को आध्यात्म से जोड़ना जरूरी है। 

11:30 AM, 25-Jan-2025


ज्योतिष ही सनातन है

ज्योतिष समीर उपाध्याय ने कहा कि ब्रह्मा जी ने सृष्टि की रचना की, मंत्र से संबंध वेद का है। ब्रह्मा जी ने मानस पुत्र पाराशर जी को मंत्र दिया। ज्योतिष का निर्माण पांच चीज से तिथि, वारन, नक्षयत्र, योग और पाच सनातन से विज्ञान और विज्ञान ही सनातन है। तकनीकि युग में ज्योतिष प्रासंगिक है। इसे प्रचार प्रसार की आवश्यकता नहीं है। ज्योतिष सर्वत्र व्याप्त है। कितना भी दूर चला जाएगा और एक समय आएगा कि उसको ज्योतिष की जरूरत पड़ेगी। ज्योति वेद का मित्र है। ज्योतिष धर्म विशेष के लिए नहीं है। यह सबके लिए है। ज्योतिष सनातन है। 

अमर उजाला ज्योति महाकुंभ में सवालों का जवाब देते ज्योतिष। - फोटो : अमर उजाला।
11:30 AM, 25-Jan-2025


ज्योतिषाचार्य चेतना ने कहा कि युवाओं को ज्योतिष शास्त्र से जोड़ना जरूरी है। ज्योतिष से जुड़ना सब चाहते हैं लेकिन दिखावा नहीं करना चाहते हैं। सोशल मीडिया के माध्यम से लोग ज्योतिष के बारे में जानने का प्रयास करते हैं।


11:45 AM, 25-Jan-2025

युवाओं का विश्वास जीतना जरूरी
ज्योतिष नीलिमा ने कहा कि यूथ हमारे पास आते हैं तो उनकी समस्या सुनते हैं और साधारण तरीके से समझाने का प्रयास करते हैं। युवाओं की सोच बदलना जरूरी है। ज्योतिष के प्रति विश्वास बढ़ाना जरूरी है। आज के युवाओं की सोच अलग है। उनका विश्वास जीतना जरूरी है। नहीं तो वह अपने मार्ग से भटक सकते हैं। 


12:00 AM, 25-Jan-2025

ज्योतिष विद्या जानने के लिए एक जन्म भी कम 
पहले साधु महात्मा सिर पर हाथ रखते थे तो सुकून मिलता था। सोशल मीडिया पर करोड़ो रैमिडी मिल जाएगी। हर व्यक्ति कंन्फ्यूज है कि किस पर विश्वास करें। टैरो कार्ड रीडरों की संख्या बढ़ गई है। तीन दिन की पढ़ाई के बाद लोग विशेषज्ञ बन जाता है। ज्योतिष की विद्या जानने के लिए एक जन्म भी कम है। रैमिडी तिनके जैसा सहारा देती है। हम किसी का किस्मत तो नहीं बदल सकते लेकिन सहारा जरूरी दे सकते हैं, उसका प्रभाव कम कर सकते हैं। 
 

अमर उजाला ज्योतिष महाकुंभ में सवालों का जवाब देतीं ज्योतिष नीलिमा और चेतना। - फोटो : अमर उजाला।
12:05 AM, 25-Jan-2025

ज्योतिषि चेतना ने कहा श्रीम सप्त गंगा का पाठ करें आपका कुंभ घर बैठे हो जाएगा। सप्त गंगा सबसे बड़ा साधन है। सबको शार्ट कट चाहिए।


12:10 AM, 25-Jan-2025

हर अंक का अपना एक अलग महत्व

अंक ज्योतिष विशेषज्ञ नीलिमा ने कहा - अंक हमारे जन्म जीवन में तरक्की के लिए बहुत महत्व रखता है। हर नंबर का स्वामी एक ग्रह होता है, यह नंबर जीवन में बहुत फर्क डालता है। एक नंबर का स्वामी सूर्य है। यह जिसका नंबर रहता है वह तरक्की करते हैं। यही जातक का भाग्यांक होता है। कोई अंक खराब नहीं है। हर अंक की एनर्जी है। नौ ऐसा नंबर है जो दुनिया को बदलने की ताकत रखता है। मंगल की एनर्जी ज्यादा है तो गुस्सा ज्यादा होता है। हर नंबर अपने आप में कुछ कहता है। 

12:18 AM, 25-Jan-2025


दर्शकों ने पूछे सवाल

कार्यक्रम के दौरान दर्शकों ने भी ज्योतिषियों से सवाल पूछा। एक दर्शक ने पूछा की सही जन्मतिथि पता नहीं है तो कैसे उपाय हो सकता है। ज्योतिष चेतना ने बताया कि यह सवाल आम तौर पर पूछे जाते हैं। सही अंक पता न चलने पर भी कई ऐसे उपाय हैं जिससे व्यक्ति की कुंडली का पता चल सकता है। 

12:25 AM, 25-Jan-2025


ज्योतिष में मिथ फैलाने वाले अधिक

अंक ज्योतिष नीलिमा ने कहा कि ज्योतिष बहुत प्रायोगिक हो गया है। मिथ फैलाने वाले ज्योतिष बहुत हैं। क्या अंबानी के डेट पर कोई और पैदा नहीं हुआ होगा। बहुत लोग पैदा हुए होंगे लेकिन वह अंबानी की तरह अमीर नहीं हैं। व्यक्ति को उसकी सोच आगे बढ़ाती है। 


12:30 AM, 25-Jan-2025

दीपक शर्मा ने पूछा कि शादी में गुण मिलान कितना सही है

ज्योतिष चेतना ने बताया कि हर इंसान के पास लैपटॉप मोबाइल हो गया है। गुण 36 मिलने के बाद भी लड़ाई हो रही है। कुंडली मिलान एक विषय है। आज जो बच्चा जन्म ले रहा है। 2008 के सभी बच्चों के ग्रह खराब है। कुंडली के मिलान में अंतर्दशा जरूर देखिए। गुण मिलने से जरूरी नहीं है कि जीवन सुखमय होगा। यह व्यक्ति के सोच और व्यवहार के साथ किस्मत पर निर्भर करता है कि जीवन कैसा रहेगा। 

अमर उजाला ज्योतिष महाकुंभ में टैरो कार्ड पर जवाब देतीं टैरो कार्ड विशेषज्ञ लीजा गुप्ता। - फोटो : अमर उजाला।
12:42 AM, 25-Jan-2025

टैरो कार्ड के माध्यम से मिलता है मार्गदर्शन

टैरो कार्ड विशेषज्ञ लीजा गुप्ता ने कहा कि ज्योतिष और टैरो दोनों शक्तिशाली हैं। टैरो में छोटी चीजें पता चल सकता है। टैरो बताता है कि चीजों का क्या प्रभाव है। टैरो के माध्यम से हम उपाय करके नहीं अपने से प्रयास करके ठीक कर सकते हैं। साढ़े साती जैसे दशा को टैरो के माध्यम से सही किया जा सकता है। जो होना है वह होंगी ही। जो हो रही हैं उसको कैसे मैनेज करें। कैसा इंसान बनना चाहते हैं, जो गाइडेंस मिलती हैं उस पर अमल कैसे करना चाहिए है। 

12:45 AM, 25-Jan-2025

एनर्जी हर जगह है

टैरो कार्ड रीडर ने कहा लीजा मनुष्य के पास एनर्जी के साथ दिमाग भी है। दोनों के उपयोग से हम काम करते हैं। जो भी हमारे सामने दिखता है सब में एनर्जी है अलग-अलग रूपों में।

12:50 AM, 25-Jan-2025

टैरो कार्ड सीखने की कोई समय नहीं

लीजा गुप्ता ने कहा कि टैरो कार्ड सीखने के लिए एक साल दो साल भी लग सकता है। व्यक्ति का कनेक्शन कितना है इससे वह टैरो कार्ड सीख सकता है। सीखने से ज्यादा उसके प्रति जानने की जिज्ञासा जरूरी है। 
 

1:12 AM, 25-Jan-2025

आचार्य अनिल वत्स जी ज्योतिष महाकुंभ में पहुंचे। सभी ज्योतिषियों ने उनका स्वागत किया।


1:15 AM, 25-Jan-2025

ज्योतिष और महाकुंभ का महत्व

ज्योतिषाचार्य शुभेष शर्मन ने कहा कि ज्योतिष ऐसा विज्ञान है जिससे पता चलता है कि आपका भविष्य कैसा होगा। अंतरिक्ष में होने वाली घटना का भी पता लगाया जा सकता है। ज्योतिष में प्रमाणिकता है। बहुत से त्योहार है। यहां की जनता धर्म भीरु है। कुंभ भी ज्योतिषिय गणना पर आधारित है। 11,12,13 महीने का होता है। अधिक मास के कारण तिथियां घटती बढ़ती रहती है। आज कुंभ में भीड़ ज्योतिष गणना के चलते है। किसी भी संभावना को सटीकता से जानना ज्योतिष के बिना संभव नहीं है। शंकराचार्य 2500 वर्ष पहले आए तब भी महाकुंभ था। समुद्र मंथन कब हुआ इसका गणित कहीं है तो वह ज्योतिष के पास है। 

1:20 AM, 25-Jan-2025


महाकुंभ समरस्ता का स्थल

संसार से पंचतत्व हटा दें तो सृष्टि समाप्त हो जाएगी। पंच महाभूत ही साक्षात दर्शन है। सामाजिक समरसता का सबसे बड़ा संदेश महाकुंभ है। यहां पर भक्ति की गंगा और यमुना बह रही हैं। 


1:26 AM, 25-Jan-2025

प्रत्येक व्यक्ति ज्योतिष से जुड़ा है

हर मनुष्य ज्योतिष से जुड़ा हुआ है। जिसको एकादशी, पूर्णिमा और अमावस्या की जानकारी लेनी है वह भी ज्योतिष से जुड़ा है। जितने लोग महाकुंभ में पहुंचे हैं सब ज्योतिष से जुड़ रहे हैं। सुजलां सुफलां मलयज शीतलांम ज्योतिष की देन है। ज्योतिष प्रत्येक व्यक्ति के अंदर है। शादी का मुहुर्त या बच्चे का मुंडन या नामकरण संस्कार करने वाला भी ज्योतिष से जुड़ा है। अंतिम संस्कार में सारी क्रियाओंका पालन करने वाला ज्योतिष में विश्वास रखता है। 
 

अमर उजाला ज्योतिष महाकुंभ में बोलते ज्योतिष शुभेष शर्मन। - फोटो : अमर उजाला।
1:30 AM, 25-Jan-2025

मां सरस्वती से ही शब्द का हुआ निर्माण
 
ज्योतिष शुभेष शर्मन ने कहा कि शंकराचार्य ने 32 वर्ष की आयु में पूरे भारत का भ्रमण किया। साधना के बल पर पूरे भारत का भ्रमण किया। सरस्वती के कारण ही धरती का निर्माण हुआ। सरस्वती मां सबका कल्याण करती हैं। हमारे यहां नदियों को माता के रूप में पूजा गया है। आज अगर सरस्वती नहीं होती तो शब्द नहीं होते। 

अमर उजाला ज्योतिष महाकुंभ में बोलते ज्योतिषाचार्य अनिल वत्स। - फोटो : अमर उजाला।
1:58 AM, 25-Jan-2025

पिछले जन्म की यात्रा बताने वाला महाग्रंथ है ज्योतिष

जो अंधकार को मिटा सके वही वेद है। जो अनुभूतिकी अभिव्यक्ति कर सके। ज्योति और ईश दो शब्दों से ज्योतिष बना है। कोई देख रहा था जब पृथ्वी पर आया था। उस समय कोई योग होगा ग्रह है। यही जानकारी जैसे प्राप्त होती है इसे ज्योतिष कहते हैं। 17 तत्वों का जीव मां के गर्भ में आता है। जीव की अनंत यात्रा है। ज्योतिष पिछले जन्मों की यात्रा की याद दिलाने वाला महाग्रंथ है। 

2:10 AM, 25-Jan-2025


27 नक्षतों पर हमारे कर्मों का डाटा सुरक्षित होता है

ज्योतिष अनिल वत्स ने कहा कि पूरी पृथ्वी का उद्धार भगवान वाराह ने राहु ग्रह से लेकर किया है। अनंत जन्मों की यात्रा ज्योतिष में सुरक्षित है। नक्षत्रों के पास रहता है सारा डाटा सुरक्षित है। पिछले जन्मों का डाटा नक्षत्रों से मिलता है। शरीर में जितनी प्रकृतियां हैं सब नक्षत्रों के हिसाब से चलती हैं। 





 

अमर उजाला ज्योतिष महाकुंभ में डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य का स्वागत किया गया। - फोटो : अमर उजाला।
02.20  AM, 25-Jan-2025

डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य मंच पर पहुंचे

उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और महापौर गणेश केसरवानी का तुलसी का पौधा, श्रीफल और अंगवस्त्रम देकर स्वागत किया गया। 

अमर उजाला डिजिटल के संपादक जयदीप कार्णिक अतिथियों का स्वागत कर रहे हैं। 


सनातन धर्त देखना है तो महाकुंभ में आइए
अमर उजाला डिजिटल के संपादक जयदीप कार्णिक ने आगे कहा कि पूरे देश से लोग पहुंच रहे हैं। दक्षिण भारत में मल्टी नेशनल कंपनी में काम करने वाले लोग 15 से 20 किलोमीटर पैदल चलकर संगम पहुंच रहे हैं लेकिन उनके चेहरे पर शिकन तक नहीं है। यही लोग सनातन धर्म को आगे बढ़ा रहे हैं और आज सबसे आगे है। ज्योतिष महाकुंभ के कार्यक्रम से पूरे देश में एक संदेश जाएगा। पूरे देश में अच्छा सत्र चल रहा है। यही खोयी हुई पहचान है जो आज मिल रही है। 

02: 30 AM, 25-Jan-2025


भारत का आध्यात्म विशाल महासागर

भारत की सनातन संस्कृति का आचमन कर अर्घ्य देने का जो प्रयत्न है वही जीवांजलि है। 144 साल बाद महाकुंभ आया है। बृहस्पति का संबंध जीव से होता है। जीव का अनुष्ठान ही जीवांजलि है। जीवांजलि और माय ज्योतिष के प्लेटफार्म पर यह कार्यक्रम किया जा रहा है। जैसे गंगा बह रही है वैसे ही इस सभागार में ज्ञान की गंगा बह रही है। 


प्राणियों में सद्भाव हो, सबका कल्याण हो

हम यहां पर वसुधैव कुटुंबकम की संस्कृति को आगे बढ़ाएं। 

02:35 AM, 25-Jan-2025



ज्योतिषाचार्य और वास्तुशास्त्रियों को सम्मानित कर रहे हैं डिप्टी सीएम। ज्योतिषाचार्च अनिल वत्स समेत सभी ज्योतिषाचार्यों को सम्मानित किया जा रहा है। सभी को स्मृति चिन्ह दिया जा रहा है। 

 

02: 45 AM, 25-Jan-2025

डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य बोल रहे हैं

प्रयागराज की धरती पर ज्योतिष महाकुंभ का होना और इतने सम्मानित ज्योतिषों का आगमन हमारे लिए गर्व की बात है। सभी का यूपी सरकार और डबल इंजन की सरकार की ओर से अभिनंदन करता हूं। महाकुंभ को लेकर जो अलौकिक आनंद को प्रदान करने वाला योग है यह 144 साल बाद हो रहा है। इसकी गणना ज्योतिषियों ने ही की है। गंगा-यमुना और सरस्वती को मानने वाले लोग जब गणना करके लिखते हैं तो शत प्रतिशत सत्य मानकर देश के कोने-कोने से लोग पहुंच रहे हैं। बड़े बजुर्ग, नौजवान, बच्चे सभी संगम तट पर पहुंच रहे हैं। 

02: 55 AM, 25-Jan-2025


डबल इंजन की सरकार ने महाकुंभ के लिए खोल दिया है खजाना

कल्पवासी कठोर तपस्या करके कल्पवास कर रहे हैं। अखाड़ों के संत अपनी परंपरा का पालन करते हुए साधना कर रहे हैं। मौनी अमावस्या, वसंत पंचमी और महाशिवरात्रि पर्व पर संगम स्नान का महत्व ज्योतिषियों ने ही देश और दुनिया को बताया है। प्रयागराज महाकुंभ में कैबिनेट की बैठक हुई और स्नान किया। डबल इंजन की सरकार ने महाकुंभ के लिए खजाना खोल दिया है। वेणी माधव की कृपा से महाकुंभ सकुशल संपन्न होगा। प्रयागराज के देवता वेणी माधव हैं जो यहां की व्यवस्था का संचालित करते हैं। 

02:57 AM, 25-Jan-2025

स्वच्छता के लिए उठाए गए हैं कदम

स्वच्छता और सुरक्षा के लिए हर जरूरी कदम उठाए गए हैं। सड़क, रेल और हवाई मार्ग से सुगम तरीके से पहुंचने की व्यवस्था डबल इंजन सरकार ने की है। अमर उजाला के आयोजन की जितनी सराहना की जाएकम है। अमर उजाला के कार्यक्रम से हमे प्रेरणा मिलती है। हाईस्कूल के टॉपरों के घर तक सड़क बनाने का विचार अमर उजाला के कार्यक्रम से ही मिला। 

02: 58 AM, 25-Jan-2025

ज्योतिषि शास्त्र में समुद्र की तरह गहराई

डिप्टी सीएम केशव ने कहा कि ज्योतिषि शास्त्र में समुद्र की तरह गहराई है। ज्योतिषियों का आह्वान किया कि वह इस विद्या के बारे में लोगों को बताएं और इसका प्रचार प्रसार करें। अमर उजाला ने इसकी शुरुआत की है। इसको और आगे बढ़ाने की जरूरत है। भीड़ में आने पर मुझे पीड़ा होती है। मैं विहिप से जुड़ा रहा हूं और कई कुंभ का साक्षी रहा हूं। आरएसएस से जुड़ा रहा हूं। सबकी सेवा के लिए समर्पित रहता हूं। 

03:03 AM, 25-Jan-2025


माई ज्योतिष के प्लेटफार्म पर पूरा कार्यक्रम देखूंगा

डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि ज्योतिषि एक साधना है। सभी ज्योतिषियों का स्वागत करता हूं। सभी का स्वागत करता हूं। ज्योतिषि सबकु जानते हैं इसलिए इनकी जितनी प्रशंसा की जाए कम हैं। 

03:08 AM, 25-Jan-2025


डिप्टी सीएम का भाषण संपन्न हुआ

डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य कुछ और ज्योतिषियों को सम्मानित कर रहे हैं। ज्योतिषियों ने स्मृति चिन्ह के रूप में अयोध्या राम मंदिर का चित्र प्रदान किया। अमर उजाला डिजिटल के संपादक जयदीप कार्णिक ने डिप्टी सीएम को स्मृति चिन्ह प्रदान किया। 

अमर उजाला ज्योतिष महाकुंभ में बोलते ज्योतिष। - फोटो : अमर उजाला।
05:10 AM, 25-Jan-2025


नौजवानों को ज्योतिष विद्या से जोड़ने का आह्वान

अमर उजाला ज्योतिष कुंभ के अंतिम सत्र में ज्योतिष अनिल वत्स समेत देश के कई जाने माने ज्योतिषियों ने कहा कि आने वाली पीढ़ी ज्योतिष विद्या पर विश्वास करे और इसको आत्मसात करे इसके लिए इसके प्रसार प्रसार की जरूरत है। हमें अच्छे ग्रहों के नजदीक आना चाहिए और खराब ग्रहों से दूर रहना चाहिए। सूर्य देव सारे संसार को प्रकाशित करते हैं उनकी पूजा करें। शास्त्रों में भी ग्रहों के बारे में जानकारी दी गई है। 
विज्ञापन

05:30 AM, 25-Jan-2025

ज्योतिष विद्या को आगे बढ़ाने की जरूरत

ज्योतिष जीडी वशिष्ठ और अनिल वत्स ने अमर उजाला को इस आयोजन के लिए धन्यवाद दिया। कहा कि युवा इस विद्या को समझें और इस पर विश्वास करें। यह विद्या युगों युगों से चली आ रही है। ज्योतिष विद्या पर विश्वास करने से ही यह विज्ञान आगे बढ़ सकेगा। शुभेष शर्मन ने कहा कि ज्योतिष विद्या में व्यक्ति को जातक कहा गया है। बिना अध्ययन के बिना चीजों को समझे उसका लाभ नहीं मिलेगा। इसी के साथ जीवांजलि का कार्यक्रम संपन्न हुआ। 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें