देश के सबसे चर्चित मुकदमों में से एक आरुषि हत्याकांड का फैसला सुनाने वाले जस्टिस बीके नारायण रविवार 26 जुलाई को सेवानिवृत्त हो रहे हैं। इस उपलक्ष्य में शनिवार को मुख्य न्यायाधीश के पुस्तकालय हाल में आयोजित समारोह में उनको भावभीनी विदाई दी गई। मुख्य न्यायाधीश गोविंद माथुर ने उनके कृतित्व व व्यक्तित्व पर प्रकाश डाला और उज्जवल भविष्य की कामना की।
जस्टिस बीके नारायण ने आरुषि केस में फैसला सुनाते हुए आरुषि के माता-पिता तलवार दंपती की रिहाई का आदेश दिया था। विदाई समारोह साढ़े ग्यारह बजे संक्षिप्त कार्यक्रम के रूप मे आयोजित किया गया।
इस अवसर पर परिवार के लोगों के अलावा वरिष्ठ न्यायमूर्ति भारती सप्रू, न्यायमूर्ति पंकज मित्तल, न्यायमूर्ति शशिकांत गुप्ता, न्यायमूर्ति एसडी सिंह, न्यायमूर्ति डीके सिंह, पूर्व न्यायमूर्ति रणविजय सिंह, पूर्व न्यायमूर्ति सुरेंद्र सिंह, आरडी खरे मौजूद थे। बार एसोसिएशन के अध्यक्ष राकेश पांडेय, निर्वाचित अध्यक्ष अमरेंद्र नाथ सिंह, महासचिव जेबी सिंह, निर्वाचित महासचिव प्रभाशंकर मिश्र को भी समारोह में आमंत्रित किया गया था।