जस्टिस गिरिधर मालवीय को मुखाग्नि देते उनके पुत्र मनोज मालवीय।
- फोटो : अमर उजाला।
भारत रत्न महामना मदन मोहन मालवीय के पौत्र न्यायमूर्ति गिरिधर मालवीय का पार्थिव शरीर मंगलवार को पंचतत्व में विलीन हो गया। रसूलाबाद घाट पर गार्ड ऑफ ऑनर के साथ उन्हें नम आंखों से विदाई दी गई। अंतिम यात्रा में न्याय, शिक्षा और समाज सेवा क्षेत्र से जुड़ी कई हस्तियां शामिल हुईं। न्यायमूर्ति गिरधर मालवीय मौजूदा समय काशी हिंदू विश्वविद्यालय के कुलाधिपति भी थे। सोमवार की सुबह न्यायमूर्ति गिरिधर मालवीय का निधन हो गया था। वह पिछलेे कई दिनों से सीने में संक्रमण से पीड़ित थे। अस्पताल से उनके पार्थिव शरीर को जार्जटाउन स्थित बंगले पर लाया गया, जहां मंगलवार की सुबह भी अंतिम दर्शन और श्रद्धांजलि देने के लिए लोगों को तांता लगा रहा।
दिन के 11:30 बजे सुसज्जित वाहन पर पार्थिव शरीर रखकर अंतिम यात्रा निकाली गई। पुष्पवर्षा के साथ अंतिम यात्रा 12 बजे के बाद रसूलाबाद घाट पर पहुंची, जहां इकलौते पुत्र आईपीएस मनोज मालवीय ने मुखाग्नि दी। इससे पहले उन्हें प्रशासन की ओर से राजकीय सम्मान के साथ विदाई दी गई। इस दौरान श्मशान घाट पर उन्हें गार्ड ऑफ दिया गया। अंतिम यात्रा में महाधिवक्ता अजय मिश्र, न्यायमूर्ति सुरेंद्र सिंह, महापौर गणेश केसरवानी, बीएचयू के पूर्व कुलपति प्रो. गिरीश चंद्र त्रिपाठी के अलावा भाजपा, कांग्रेस और सपा के कई नेता भी शामिल हुए।