बार कौंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश से प्रदेश के जूनियर अधिवक्ता मदद की गुहार लगा रहे हैं। वाराणसी और देवरिया के कई जूनियर वकीलों ने बार कौंसिल के कार्यवाहक अध्यक्ष को पत्र लिख कर मदद की गुहार लगाई है। जबकि कौँसिल का कहना है मामला हाईकोर्ट के समक्ष लंबित है।
चार जून को सुनवाई होनी है। हाईकोर्ट के निर्देश के अनुसार ही कदम उठाया जाएगा। वहीं कार्यवाहक अध्यक्ष देवेंद्र मिश्र नगरहा का कहना है कि निवर्तमान अध्यक्ष हरिशंकर सिंह के इशारे पर कुछ लोग पत्र लिखकर दबाव बना रहे हैं। अब जबकि जिला अदालतों में कामकाज होने लगा है, ऐसे में लाक डाउन के नाम पर मदद मांगने का औचित्य समझ से परे है। हालांकि बार कौंसिल मदद से पीछे नहीं हटी है और बार कौंसिल ऑफ इंडिया के निर्देशों के अनुसार मदद देने की तैयारी है। बस हाईकोर्ट के आदेश का इंतजार है।
शुक्रवार को वाराणसी के नीरज कुमार पांडेय और उमेश कुमार तिवारी तथा देवरिया के दिव्यांश पति त्रिपाठी आदि ने बार कौंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश के कार्यवाहक अध्यक्ष को पत्र लिखकर मदद दिए जाने की मांग की है। कार्यवाहक अध्यक्ष देवेंद्र मिश्र नगरहा का कहना है कि बार कौंसिल ऑफ इंडिया ने यूपी बार कौंसिल को निर्देश दिया है कि कुल मदद की जो धनराशि होगी, उसका 20 प्रतिशत बार कौंसिल को वहन करना होगा। हम इसके लिए तैयार हैं। कोविड 19 के नाम से खाता भी खुल गया है। इस बीच हाईकोर्ट ने न्यासी समिति को वकीलों की मदद करने का निर्देश दे दिया। अभी मामला न्यायालय में लंबित है। कोर्ट के अगले आदेश के बाद ही कोई कदम उठाया जा सकता है।