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June Panchang : व्रत-त्योहारों की लगेगी झड़ी, जून में ज्येष्ठ के साथ आषाढ़ की भी युति

Sun, 01 Jun 2025 02:44 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

धार्मिक दृष्टि से अहम माना जाने वाला जून माह रविवार से शुरू हो रहा है। ज्योतिषाचार्य कावेरी मुखर्जी के मुताबिक, एक जून को ज्येष्ठ शुक्ल षष्ठी तिथि है। इस दिन स्कंद षष्ठी भी है। यह महीना आश्लेषा नक्षत्र में शुरू होगा और इस महीने कई अहम त्योहारों के साथ ग्रहों की युति भी होने वाली है।
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व्रत एवं त्यौहार। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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जून में व्रत और त्योहार की झड़ी लगने वाली है। इस माह मोक्षदायिनी मां गंगा के अवतरण दिवस गंगा दशहरा से लेकर प्रभु जगन्नाथ की रथयात्रा तक की तैयारी शुरू हो गई है। निर्जला एकादशी और योगिनी एकादशी के साथ ही संकष्टी गणेश चतुर्थी, ज्येष्ठ पूर्णिमा और आषाढ़ अमावस्या समेत कई महत्वपूर्ण व्रत भी सनातनधर्मी परिवारों में रखे जाएंगे। इन व्रतों-त्योहारों का लोगों को बेसब्री से इंतजार है।

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धार्मिक दृष्टि से अहम माना जाने वाला जून माह रविवार से शुरू हो रहा है। ज्योतिषाचार्य कावेरी मुखर्जी के मुताबिक, एक जून को ज्येष्ठ शुक्ल षष्ठी तिथि है। इस दिन स्कंद षष्ठी भी है। यह महीना आश्लेषा नक्षत्र में शुरू होगा और इस महीने कई अहम त्योहारों के साथ ग्रहों की युति भी होने वाली है।

इस माह में ही गंगा दशहरा, निर्जला एकादशी और वट पूर्णिमा भी है, साथ ही जून में बुध, मंगल और सूर्य एक साथ गोचर भी करेंगे। महीने के अंत में जगन्नाथ रथयात्रा निकलेगी। ज्योतिर्विद प्रो. ब्रजेंद्र मिश्र बताते हैं, यह महीना मां दुर्गा की आराधना के लिए गुप्त नवरात्रि साधकों के लिए सबसे खास होगा।
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इसमें दस महाविद्याओं की पूजा का विधान है। यह साधना बेहद गोपनीय तरीके से शुचिता के साथ की जाएगी। खास बात यह भी है कि इस बार जून में ही ज्येष्ठ और आषाढ़ मास दोनों की युति का संयोग बन रहा है। इससे इस महीने के पर्व और भी खास हो गए हैं। संगम तट पर गंगा दशहरा पर पांच जून को उत्सवी माहौल रहेगा। ज्येष्ठ शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि पर त्रिवेणी की पावन धारा में पुण्य की डुबकी लगाने से मनसा, वाचा, कर्मणा तीनों तरह के 10 प्रकार के पापों का शमन होने की लोक धारणा भी है। मान्यता है कि इस दिन गंगा स्नान करने से सभी प्रकार के पापों से मुक्ति मिलती है।

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संतान सुख के लिए रखें ज्येष्ठ पूर्णिमा का व्रत

ज्येष्ठ पूर्णिमा व्रत 11 जून को रखा जाएगा। ज्येष्ठ पूर्णिमा तिथि 10 जून की सुबह 11:35 बजे से 11 जून की दोपहर 1:13 बजे तक रहेगी। उदया तिथि की मान्यता की वजह से 11 जून को संतान सुख के लिए व्रत रखा जाएगा। इसी दिन संत कबीर की जयंती भी मनाई जाएगी।

कष्ट निवारण के लिए योगिनी एकादशी व्रत

योगिनी एकादशी का व्रत 21 जून को रखा जाएगा। योगिनी एकादशी को लेकर मान्यता है कि इसका व्रत रखने वालों के सभी पाप दूर हो जाते हैं। इस तिथि पर व्रत रखकर संगम में दान करने से सर्वतीर्थ की परिक्रमा के बराबर फल मिलने की मान्यता है।

महत्वपूर्ण व्रत : त्योहार एक नजर में

छह जून : निर्जला एकादशी
आठ जून : प्रदोष व्रत
11 जून : ज्येष्ठ पूर्णिमा व्रत
14 जून : संकष्टी गणेश चतुर्थी
15 जून : मिथुन संक्रांति
21 जून : योगिनी एकादशी
23 जून : मासिक शिवरात्रि, प्रदोष व्रत
25 जून : आषाढ़ अमावस्या
27 जून : जगन्नाथ रथ यात्रा
सात जून : ईद उल अजहा (बकरीद)
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