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हाईकोर्ट : न्यायिक मजिस्ट्रेट भू-राजस्व के बकाया वसूली के लिए कलेक्टर को जारी कर सकता है वारंट

Mon, 31 Oct 2022 09:50 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

यह आदेश नयायमूर्ति जेजे मुनीर  ने रामानद बनाम हीरालाल की याचिका को खारिज करते हुए दिया। मामले में उषा देवी ने सीआरपीसी की धारा 125 के तहत भरण-पोषण प्राप्त करने के लिए वादी/अपीलकर्ता के खिलाफ जनवरी 1982 में मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट कानपुर नगर के न्यायालय में एकपक्षीय आदेश प्राप्त किया।
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हाईकोर्ट। - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि सीआरपीसी की धारा 125 के तहत मजिस्ट्रेट भू-राजस्व के बकाया वसूली के लिए पारित भरण-पोषण के आदेश को लागू करने के लिए कलेक्टर को वारंट जारी कर सकता है। कोर्ट ने कहा कि धारा 125(3) और धारा 421 को एक साथ पढ़ने पर मजिस्ट्रेट को भू-राजस्व के बकाया के रूप में बकाया भरण-पोषण की वसूली के लिए कलेक्टर को वारंट जारी करने का अधिकार देता है।

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यह आदेश नयायमूर्ति जेजे मुनीर  ने रामानद बनाम हीरालाल की याचिका को खारिज करते हुए दिया। मामले में उषा देवी ने सीआरपीसी की धारा 125 के तहत भरण-पोषण प्राप्त करने के लिए वादी/अपीलकर्ता के खिलाफ जनवरी 1982 में मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट कानपुर नगर के न्यायालय में एकपक्षीय आदेश प्राप्त किया। कहा गया कि भरण-पोषण आदेश को लागू करने के लिए मजिस्ट्रेट द्वारा जारी वसूली प्रमाण पत्र के अनुसरण में की गई सभी कार्यवाही क्षेत्राधिकार के बिना थी।


कोर्ट ने कहा कि सीआरपीसी की धारा 125(3) और 421(1) के तहत मजिस्ट्रेट को यह अधिकार है कि वह भरण-पोषण के आदेश को लागू करे और इसका अगर पालन नहीं किया जाता है तो इसके हर उल्लंघन के लिए जुर्माना लगा सकता है। कलेक्टर भू-राजस्व के बकाया वसूली के लिए वारंट जारी कर सकता है। कोर्ट ने कहा कि मजिस्ट्रेट का आदेश कलेक्टर के लिए बाध्य होगा।

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