इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सपा नेता अब्दुल्ला आजम से जुड़े दो मामलों में सुनवाई पूरी होने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया है। ये मामले फर्जी पासपोर्ट और दो पैन कार्ड रखने से संबंधित हैं। अब्दुल्ला आजम ने इन दोनों मामलों में रामपुर एमपी-एमएलए कोर्ट में चल रही कार्यवाही को रद्द करने के लिए इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिकाएं दायर की हैं।
न्यायमूर्ति समीर जैन की एकल पीठ ने सभी पक्षों की बहस पूरी होने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया है। शिकायतकर्ता आकाश सक्सेना के अधिवक्ता शरद शर्मा और समर्पण सक्सेना ने बताया कि पहला मामला अब्दुल्ला आजम के फर्जी पासपोर्ट से जुड़ा है। इसमें आरोप है कि उन्होंने गलत जन्मतिथि के आधार पर पासपोर्ट बनवाया था।
आकाश सक्सेना ने 30 जुलाई 2019 को रामपुर के सिविल लाइन थाने में धोखाधड़ी और पासपोर्ट एक्ट की धाराओं के तहत अब्दुल्ला आजम के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। शिकायत के अनुसार अब्दुल्ला आजम के शैक्षणिक प्रमाण पत्र और पासपोर्ट विभाग को दी गई जानकारी में उनकी जन्मतिथि अलग-अलग है।
दूसरा मामला अब्दुल्ला आजम के दो पैन कार्ड रखने से संबंधित है। आकाश सक्सेना ने छह दिसंबर 2019 को रामपुर के सिविल लाइन थाने में अब्दुल्ला आजम और उनके पिता आजम खां के खिलाफ इस मामले में एफआईआर दर्ज कराई थी।