फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

ज्योति हत्याकांड में पति की जमानत अर्जी खारिज

विज्ञापन
विज्ञापन
सभी केंद्र : कानपुर के ध्यानार्थ
विज्ञापन

00000000000000000000000
ज्योति हत्याकांड में पति की दूसरी जमानत अर्जी खारिज
0 ट्रायल जल्दी पूरा करने का निर्देश
अमर उजाला ब्यूरो
प्रयागराज। कानपुर के चर्चित ज्योति हत्याकांड के आरोपी पति पीयूष श्याम दसानी की द्वितीय जमानत अर्जी हाईकोर्ट ने खारिज कर दी है। न्यायालय ने ट्रायल कोर्ट को प्रकरण का विचारण दंड प्रक्रिया संहिता के प्रावधानों के तहत यथा शीघ्र निस्तारित करने का आदेश दिया है। यह आदेश न्यायमूर्ति अरविंद कुमार मिश्र ने पीयूष श्याम दसानी की अर्जी पर दिया है।
घटना वर्ष 2014 की कानपुर नगर के स्वरूप नगर थाने की है। थाने में अपहरण व हत्या का मुकदमा दर्ज कराया गया था। घटना के दिन पति याची अपनी पत्नी ज्योति के साथ डिनर करके रेस्टोरेंट्स से लौट रहा था। उसी समय अज्ञात बदमाशों ने पीयूष को कार से उतार कर ज्योति हत्या कर दी थी। पुलिस की विवेचना में हत्या की साजिश रचने में पति और ससुराल वालों का नाम आया।
विज्ञापन
विज्ञापन

जमानत अर्जी में कहा गया कि मुकदमे के विचारण में विलंब हो रहा है, मुलजिम 30 जुलाई 2014 से जेल में बंद है। इसलिए उसे जमानत पर छोड़ा जाए। विपक्ष के वकील ने तर्क दिया कि आरोपी ने ही अपनी पत्नी की हत्या कि साजिश रची और भाड़े के अपराधियों से हत्या कराई है। यह केस परिस्थितिजन्य व इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की श्रेणी का है। न्यायालय ने स्पष्ट किया कि इस जमानत अर्जी के आदेश में की गई टिप्पणियों का विचारण प्रक्रिया पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। अदालत ने याची की पहली जमानत वर्ष 2017 में निरस्त की थी तथा विचारण आठ माह में पूरा करने का निर्देश दिया था।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें