विकलांगों को रेलवे में नौकरी मिलने का रास्ता फिर खुलने जा रहा है। रेलवे ने इसकी प्रक्रिया शुरू कर दी है। भर्तियां पिछले तीन साल से बंद पड़ी थीं।
रेलवे बोर्ड ने निर्देश दिया है कि विकलांगों को ग्रेड-पे 1800 रुपये में रखा जाएगा। उन्हें लिखित परीक्षा देनी होगी लेकिन शारीरिक दक्षता परीक्षा से छूट दे दी गई है।
साथ ही लिखित परीक्षा में उत्तीर्ण सभी अभ्यर्थियों को पैनल में बुलाया जाएगा। ममता बनर्जी के रेल मंत्री रहने के दौरान विकलांगों की विशेष भर्ती की गई, लेकिन पूर्व सैनिकों की तरह विकलांगों की भर्ती भी रुक गई।
बताते हैं कि विकलांग कल्याण संगठनों ने रेल मंत्रालय के सामने भर्ती प्रक्रिया रुकने का मामला उठाया। इसके बाद शुरू हुई कोशिशें अब रंग ला रही हैं।
रेलवे बोर्ड के निदेशक स्थापना हर्षा दास ने जोनल रेलवे के मुख्य कार्मिक अधिकारियों को विकलांगों की भर्ती शुरू करने को कहा है।
यह भर्तियां विकलांग कोटे के तहत की जानी हैं। हर्षा दास ने कहा है कि विकलांगों की भर्ती के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा।
लिखित परीक्षा का स्तर ग्रेड-पे 1800 रुपये की भर्तियों वाली होगा। साथ ही अंतिम पैनल के लिए चयन मेरिट के आधार पर अभ्यर्थियों की वरिष्ठता क्रम में किया जाएगा।