झूंसी कोहना इलाके में फर्जी फर्म बनाकर सरकार को 4.88 करोड़ रुपये टैक्स की चपत लगाई गई है। अवैध फर्म के जरिये विदेशों से भी करोड़ों रुपयों का लेनदेन किया गया। जीएसटी टीम की जांच में असलियत तो सामने आ गई मगर आरोपी हाथ नहीं लगा। शनिवार को जीएसटी के सहायक कर आयुक्त ने रिपोर्ट दर्ज कराई।
झूंसी कोहना मिर्जापुर निकट पुलिस चौकी रोड के पास ग्राउंड फ्लोर पर शॉप नंबर 99 में मोहम्मद इंटरप्राइजेज के नाम से केंद्रीय / राज्य वस्तु एवं सेवाकर अधिनियम 2017 के तहत 31 दिसंबर 2024 को केंद्रीय क्षेत्राधिकार के तहत स्क्रैप का व्यापार करने के लिए पंजीयन कराया गया। फर्म स्वामी मोहम्मद मोसीन ने वर्ष 2024-25 में ईवे बिल के माध्यम से 1690.83 लाख रुपये की आउटवर्ड सप्लाई व वर्ष 2025-26 में 884.56 लाख की आउटवर्ड सप्लाई घोषित की।
फर्म की जांच 10 जून 2025 को विअनुशा इकाई रेंज बी प्रयागराज की ओर से की गई। जांच के दौरान फर्म ही अस्तित्व विहीन पाई गई। फर्म स्वामी मोहम्मद मोसीन का नाम पैन कार्ड में मोहम्मद मार्डन है। उपरोक्त पते पर इस नाम की कोई फर्म व्यापार करते हुए नहीं पाया गया। फर्म के जिस जीएसटी नंबर पर बिजली का कनेक्शन लिया गया था वो भी गलत पाया गया। पता चला कि बिजली का कनेक्शन लेने के लिए कूटरचित आधार और पैन कार्ड तैयार किया गया था।
जांच में यह भी पता चला कि फर्म के जरिये माल का वास्तविक परिवहन किए बिना ही कूटरचित कागजों का प्रयोग करके सालभर में ही सरकार को टैक्स के रूप में 488.56 लाख रुपये का चूना लगाया गया। शनिवार को जीएसटी के सहायक आयुक्त राजेंद्र सिंह यादव की ओर से दी गई तहरीर के आधार पर आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की गई। एसओ झूंसी उपेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि आरोपी की तलाश शुरू कर दी गई है।