निलंबित अवर अभियंता (जेई) अभय कुमार के स्थान पर नियुक्त नए जेई संजय कुमार ने जमीनी हालात का हवाला देते हुए कार्यभार ग्रहण करने से इन्कार कर दिया है। उन्होंने इस संबंध में उच्चाधिकारियों को सूचित भी कर दिया है। उन्होंने बताया कि क्षेत्र में लगभग साढ़े छह हजार उपभोक्ताओं के लिए केवल एक कुशल लाइनमैन कार्यरत है। नियमानुसार तीन शिफ्टों में पर्याप्त स्टाफ की आवश्यकता होती है। वर्तमान व्यवस्था में स्किल्ड लाइनमैन की ड्यूटी आठ घंटे की है। इससे शाम और रात्रि के समय होने वाले फॉल्ट की समस्या के निस्तारण के लिए कोई लाइनमैन उपलब्ध नहीं रहता है। संवाद
अवर अभियंता संगठन ने की मुख्य अभियंता जोन-दो संग बैठक
मुख्य अभियंता प्रयागराज जोन-दो के साथ अवर अभियंता संगठन ने शनिवार को बैठक की। संगठन के पदाधिकारियों ने बताया वर्तमान में प्रयागराज, कौशाम्बी, प्रतापगढ़ और फतेहपुर क्षेत्र के ट्रांसफॉर्मर में तेल की कमी, फ्यूज व प्रोटेक्शन सिस्टम का अभाव तथा तीनों शिफ्टों में कुशल कर्मचारियों की भारी कमी बनी हुई है। ऐसे में निर्धारित ग्रामीण क्षेत्रों में 18 घंटे और शहरी क्षेत्रों में 24 घंटे बिजली आपूर्ति का लक्ष्य प्रभावित हो सकता है। बैठक में अवर अभियंताओं और उपखंड अधिकारियों ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि शीघ्र ही पर्याप्त स्टाफ, संसाधन और सामग्री उपलब्ध नहीं कराई गई तो दिन में कार्यरत कर्मचारियों से रात्रि ड्यूटी नहीं कराई जाएगी। इससे आपूर्ति बाधित हो सकती है इसकी पूरी जिम्मेदारी विभागीय प्रबंधन की होगी। साथ ही अवर अभियंता संगठन ने निलंबित जेई अभय कुमार को शीघ्र बहाल करने की मांग की है। संवाद