इलाहाबाद (ब्यूरो)। हाईकोर्ट ने मथुरा में निर्माणाधीन बाबा जय गुरुदेव धर्म प्रचारक संस्था को आवंटित पट्टे की भूमि पर निर्माण करने से रोक दिया है। कोर्ट ने कहा कि जमीन पर किसी भी प्रकार का निर्माण नहीं किया जाएगा, न ही अवैध निर्माण को कांपाउडिंग चार्ज लेकर सही किया जाएगा। अदालत ने मनमाने तरीके से सरकारी भूमि ट्रस्ट को पट्टे पर दिए जाने पर भी नाराजगी जताई है। प्रदेश सरकार से पूछा है कि किस नियम के तहत सरकारी जमीनें किसी को भी आवंटित कर दी जाती हैं।
मथुरा के शैलेंद्र सिंह चौहान ने जनहित याचिका दाखिल कर भूमि आवंटन और निर्माण को चुनौती दी है। जस्टिस अरुण टंडन और जस्टिस सुनीता अग्रवाल की पीठ ने प्रदेश सरकार, मथुरा विकास प्राधिकरण और ट्रस्ट के चेयरमैन पंकज यादव से दो सप्ताह में जवाब मांगा है। प्रदेश सरकार ने महोली गांव में खाता संख्या 926 की 4.490 हेक्टेयर भूमि ट्रस्ट को पट्टे पर दे दी है। याचिका में कहा गया कि बिना विज्ञापन जारी किए पट्टा आवंटित कर दिया गया। निर्माण के लिए नक्शा भी पास नहीं कराया गया।
पीठ ने इस पर नाराजगी जताते हुए कहा कि क्या सरकार गांव सभा की जमीन किसी को भी पट्टे पर दे सकती है। बिना विज्ञापन जारी किए सरकारी भूमि प्राइवेट ट्रस्ट को किस कानून के तहत दी गई है। रामवृक्ष यादव के मामले में टिप्पणी करते हुए कहा कि कुछ लोगों को प्रदर्शन की अनुमति दी गई और उन्होंने सार्वजनिक पार्क पर कब्जा करके हथियार जमा कर लिए। अगली सुनवाई पर इसका जवाब हलफनामा दाखिल कर देने को कहा है।