22 साल पुराने मुकदमे में 2015 से लगातार चल रही थी सुनवाई
प्रयागराज। विधायक जवाहर यादव उर्फ पंडित हत्याकांड की सुनवाई शुक्रवार को पूरी हो गई। कोर्ट ने निर्णय सुरक्षित कर लिया है। साथ ही 31 अक्तूबर को फैसले की तारीख नियत की है। प्रकरण की सुनवाई एडीजे बद्री विशाल पांडेय कर रहे हैं। कोर्ट में वादी के अधिवक्ता लल्लन सिंह यादव, डीजीसी गुलाब अग्रहरि, सीबीसीआईडी के वकील और बचाव पक्ष की ओर से ताराचंद गुप्ता सहित अन्य अधिवक्ताओं ने अपना-अपना पक्ष और लिखित बहस प्रस्तुत कर दी है।
घटना 13 अगस्त 1996 की सिविल लाइंस थाना क्षेत्र की है। उस दौरान तत्कालीन जवाहर यादव उर्फ पंडित की गोली मार कर हत्या कर दी गई थी। यह जिले का पहला ऐसा हत्याकांड था, जिसमें अत्याधुनिक एके 47 राइफल का उपयोग किया गया था। हमले में जवाहर पंडित के ड्राइवर गुलाब यादव और एक राहगीर कमल कुमार दीक्षित की भी मौत हुई थी। प्रकरण में पूर्व सांसद कपिलमुनि करवरिया, पूर्व विधायक उदयभान करवरिया, सूरजभान करवरिया और रामचंद त्रिपाठी उर्फ कल्लू अभियुक्त बनाए गए हैं। सभी फिलहाल नैनी जेल में बंद हैं।
मुकदमे में अभियोजन की ओर से कुल 18 गवाह और बचाव पक्ष की ओर से 156 गवाह पेश किए गए हैं। मामले की सुनवाई 2014 से लगातार चल रही है। इससे पूर्व हाईकोर्ट के एक स्थगनादेश के कारण अभियुक्तगण जेल से बाहर थे। जून 2015 में स्थगन आदेश समाप्त हो जाने के बाद सभी को सरेंडर कर जेल जाना पड़ा। अभियोजन और वादी पक्ष की बहस समाप्त होने के बाद बचाव पक्ष की बहस भी शुक्रवार को समाप्त हो गई। बचाव पक्ष की ओर से विधि व्यवस्था पेश किए जाने का समय मांगा, जिसे कोर्ट ने शनिवार तक प्रस्तुत करने को कहा है। कोर्ट ने निर्णय के लिए 31 अक्तूबर की तारीख नियत की है। प्रकरण की सुनवाई उच्चतम न्यायालय की निगरानी में हो रही है।