नवंबर में कई खगोलीय घटनाएं होंगी। चंद्रमा अलग-अलग ग्रहों संग जुगलबंदी करता नजर आएगा। दो नवंबर को चंद्रमा के सबसे नजदीक शनि ग्रह रहेगा। प्रत्येक माह में कोई न कोई ग्रह का आपस में तालमेल बैठता है जिसका असर राशियों पर पड़ता है। इस बात का ध्यान ग्रह भी करा रहे हैं। सूर्य तुला राशि में है। अपने मार्ग पर गति करता हुआ 22 नवंबर को वृश्चिक राशि में प्रवेश करने के बाद एक दिसंबर को भुजंगधारी राशि में पहुंचेगा। इससे पूर्व चंद्रमा के निकट शनि ग्रह पहुंच चुका होगा। यह अधिकांश एक सीध में है। आसमान साफ होने पर इसे बिना टेलीस्कोप के भी देखा जा सकता है।
सबसे छोटा ग्रह बुध व लाल ग्रह मंगल वृषभ राशि में है। सूर्योदय से एक घंटे पहले पूर्व में दोनों ग्रहों को देखा जा सकता है। सबसे चमकीला ग्रह शुक्र सूर्य के निकट होने के कारण दिखाई नहीं देगा। सबसे बड़ा ग्रह बृहस्पति मिथुन राशि में है, रात्रि नौ बजे उदय होगा। इसी क्रम में वलयाकार शनि ग्रह मीन राशि में है। अपने अस्त होने से पूर्व इसे देखा जा सकता है। अलग-अलग क्षेत्रों में देखने पर अलग-अलग स्थितियां नजर आएंगी। तारामंडल की वैज्ञानिक सुरूर फातिमा ने बताया कि दो नवंबर को शनि ग्रह चंद्रमा के निकट रहेगा। पांच नवंबर को पूर्णिमा, 10 नवंबर को चंद्रमा के पास बृहस्पति ग्रह रहेगा। इसके बाद 19 नवंबर को चंद्रमा के निकट शुक्र ग्रह और 20 नवंबर को अमावस्या होगी। 21 नवंबर को चंद्रमा के निकट मंगल ग्रह और 29 नवंबर को शनि ग्रह निकट रहेगा।
उन्होंने बताया कि उत्तर दिशा में हम ध्रुव तारे को उत्तर में शर्मिष्ठा तारामंडल से पहचान सकते हैं। राशि चक्र सूर्य के काल्पनिक पथ पर स्थित है जिसे आयनिकवृत्त के नाम से जानते हैं। आकाश में मकर, कुंभ, मेष और वृषभ राशि को देख सकते हैं। साथ ही आकाश में अभिजीत, श्रवण, मिनास्य, डेनेब, हमल, मिरफाक, कृतिका, ब्रह्मह्रदय, रोहणी, राजन्य, काक्षी, अमनद समेत अन्य चमकीले तारे देख सकते हैं। आकाश में दिखाई देने वाली धुंधली पट्टी हमारी आकाशगंगा है।