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High Court : शिक्षकों की उपस्थिति सुनिश्चित करने को प्रभावी तंत्र तैयार करे सरकार, कोर्ट ने दिया निर्देश

Fri, 31 Oct 2025 04:16 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सरकारी और गैर-सरकारी शिक्षण संस्थानों में शिक्षकों की समय पर उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकार को एक प्रभावी तंत्र तैयार करने का आदेश दिया है।
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अदालत का फैसला। - फोटो : अमर उजाला।
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इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सरकारी और गैर-सरकारी शिक्षण संस्थानों में शिक्षकों की समय पर उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकार को एक प्रभावी तंत्र तैयार करने का आदेश दिया है। यह आदेश न्यायमूर्ति पीके गिरि ने बांदा निवासी शिक्षिका इंद्रा देवी की याचिका पर दिया है। याची को विद्यालय में देर में आने के चलते निलंबित किया गया था। इसे उन्होंने हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। बृहस्पतिवार को सुनवाई के दौरान कोर्ट को बताया गया कि राज्य के मुख्य सचिव इसी मुद्दे को लेकर एक उच्च-स्तरीय बैठक कर रहे हैं। इसके बाद कोर्ट ने मामले की सुनवाई 10 नवंबर नियत करते हुए सरकार से इस संबंध में जानकारी मांगी है।

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इससे पहले भी कोर्ट ने सरकार से ऐसी नीति लागू करने को कहा था जिससे कि शिक्षण संस्थानों में अध्यापकों की समय से उपस्थिति सुनिश्चित हो सके। कोर्ट ने इस बात पर जोर दिया कि देश की आजादी के बाद से सरकार ने जमीनी स्तर पर शिक्षकों की समय से स्कूल-कॉलेज में उपस्थिति का कोई ठोस तंत्र नहीं बनाया है। इसके चलते हाईकोर्ट में लगातार याचिकाएं आ रही हैं।कोर्ट ने आज के तकनीकी युग का हवाला देते हुए कहा कि इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से समय पर हाजिरी दर्ज की जा सकती है।

कोर्ट ने यह भी कहा कि यदि कोई शिक्षक कभी देरी से आता है तो उसे 10 मिनट की देरी की छूट दी जा सकती है, बशर्ते यह आदत न हो। सभी अध्यापकों को संस्थान में तय समय पर हाजिर होना चाहिए। कोर्ट ने सरकार को इस समस्या का ठोस हल निकालने का सख्त आदेश दिया है।कोर्ट ने याचियों की पहली गलती मानते हुए और भविष्य में गलती नहीं दोहराने के आश्वासन पर उन्हें माफी दे दी। याची ने कोर्ट को आश्वस्त किया कि वह भविष्य में पोर्टल पर अपनी उपस्थिति दर्ज करती रहेंगी। साथ ही कोर्ट ने याचियों के विरुद्ध की गई कार्रवाई को रद्द कर दिया।

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