ऐसे बड़े सवाल किए जा रहे तैयार
1-करीब 12 साल पहले जब यूपीपीएससी की परीक्षा गड़बड़ी के लिए आयोग के सदस्यों को घेरने के लिए आंदोलन हुआ था, तब वर्तमान सरकार ने जो वादे किए थे, उन पर कितना अमल हुआ। इसके बाद क्या परीक्षा के पैटर्न में सुधार दिखा।
2- शिक्षा चयन आयोग बनने के बाद क्या शिक्षकों की रिक्त सीटों पर भर्ती समय पर हो सकीं। बार-बार अधियाचन अपलोड होने में देरी, अधियाचन में गड़बड़ी और फिर बार-बार परीक्षा टलने से कितना नुकसान जेन-जी को उठाना पड़ा है।
3- विभिन्न विभागों में छोटी-छोटी भर्तियां अटकी हैं। उनका डाटा तैयार किया जा रहा है कि साल 2014 से पहले उस विभाग या कैडर में कितने पद होते थे, अब कितने हैं और उनमें कितने पदों पर किसी की तैनाती है। भर्ती न होने का मुद्दा उठेगा।
4- सबसे अहम, बड़ी संख्या में जेन-जी के सामने कुछ विशेषज्ञ बताएंगे कि तकनीक का सहारा लेकर कितनी आसानी से लागू किया जा सकता था भर्ती कैलेंडर। लेकिन, जिम्मेदारों के ध्यान न देने से पहले भर्तियों और फिर परिणाम में देरी हुई।