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Prayagraj News: विकास भवन में जल्द ही खुलेगा जन सहायता केंद्र

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विकास भवन में जल्द ही जन सहायता केंद्र (सीएससी) खोला जाएगा। अलग-अलग योजनाओं के पेंशनर्स तथा अन्य लाभार्थियों के खाते में होने वाली गड़बड़ी को देखते हुए बृहस्पतिवार को कार्यभार संभालने वाली सीडीओ हर्षिका सिंह ने यह आदेश दिया।
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हर्षिका ने सुबह करीब 10 बजे कार्यभार संभाला। औपचारिकताएं पूरी करने के बाद उन्होंने विकास भवन के अलग-अलग विभागों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने पाया कि समाज कल्याण विभाग के सामने कई महिलाएं हैं, जिन्हें वृद्धा पेंशन को लेकर शिकायतें हैं, हालांकि उस दौरान जिला समाज कल्याण अधिकारी मौजूद नहीं रहीं।
बातचीत में महिलाओं ने बताया, उनकी वृद्धा पेंशन की राशि किसी और खाते में चली गई है। विभाग के कर्मचारियों ने बताया, पेंशन उन्हीं के दूसरे खाते में गई है। अब आधार नंबर से जोड़कर योजनाओं की राशि खाते में ट्रांसफर की जाती है।
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इस तरह की शिकायतें दिव्यांगजन समेत अन्य विभागों के लाभार्थियों की भी रहीं। कई अन्य समस्याएं भी सामने आईं। इसके के लिए सीडीओ ने विकास भवन में ही एक जन सहायता केंद्र खोलने का आदेश दिया।
निरीक्षण के दौरान जिला समाज कल्याण अधिकारी, जिला समाज कल्याण अधिकारी विकास के अलावा कई अन्य अफसर भी अनुपस्थित रहे। सीडीओ ने सभी को उपस्थित होने को कहा।
सीडीओ ने पहले दिन ही सभी जिला स्तरीय अफसरों तथा बीडीओ के साथ अलग-अलग बैठकें भी कीं और प्राथमिकताएं बताईं। उन्हाेंने कहा, ग्रामीण शिक्षा व्यवस्था में सुधार उनकी प्राथमिकता में होगी। इसके तहत प्राथमिकता विद्यालयों की शिक्षा पर उनका विशेष ध्यान होगा। पंचायत भवनों को सक्रिय करना भी प्राथमिकता हाेगी। पंचायत भवनों को पूरी क्षमता और मानक के अनुसार चलाना उनकी प्राथमिकता में होगी।



अब अलग संस्था करेगी शौचालयों का रखरखाव-सफाई

ग्रामीण सामुदायिक शौचालयों के रखरखाव एवं सफाई की व्यवस्था अब अलग संस्था को दी जाएगी। अभी सामुदायिक शौचालयों के संचालन की जिम्मेदारी महिला स्वयं सहायता समूह के पास है। इसके लिए छह हजार रुपये मानदेय के रूप में दिए जाते हैं।
इसके अलावा शौचालय एवं रखरखाव की जिम्मेदारी भी इसी समूह के पास होती है। इसके लिए समूह को हर माह तीन हजार रुपये मिलते हैं। इसमें से 1500 रुपये शौचालय की सफाई तथा शेष राशि मरम्मत कार्य के लिए मिलते हैं लेकिन शौचालय साफ न होने, जगह-जगह से उखड़े होने की शिकायतें आम हैं।
कई शौचालयों पर तो हमेशा ताला लटके रहने की भी शिकायत रहती है। इसे देखते हुए सीडीओ ने शौचालयों की सफाई एवं मरम्मत की केंद्रीयकृत व्यवस्था करने का निर्देश दिया है। इसके लिए अलग महिला समूह का चयन किया जाएगा जो शौचालय का संचालन करने वाली समूहों को सफाई आदि के लिए जरूरी सामान उपलब्ध कराएगी। हर्षिका सिंह का कहना है कि सर्वे कराके जल्द ही इसका प्रस्ताव तैयार किया जाएगा।
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