संगम नगरी में 16 जुलाई को विभिन्न मंदिरों और समितियों की ओर से जगन्नाथ रथयात्रा निकाली जाएगी। जगन्नाथ रथ यात्रा समिति (बड़ा रथ) की ओर से भगवान जगन्नाथ, सुभद्रा और बलभद्र को 1.75 लाख नगीनों से जड़ित मुकुट धारण कराया जाएगा। मीडिया प्रभारी राजीव गुप्त बिट्टू ने बताया कि 29 जून को 108 घड़ों के जल से भगवान का स्नान कराया जाएगा।
श्री जगन्नाथ जी महोत्सव समिति ट्रस्ट की रथयात्रा में पुरी धाम से आया 17 फीट ऊंचा ध्वज, चांदी निर्मित हनुमानजी की प्रतिमा, महापुरुषों पर आधारित झांकियां और पांच पांडवों की विशेष झांकी आकर्षण का केंद्र रहेंगी। मथुरा से आए विशेष वस्त्रों से भगवान का शृंगार होगा।
22 फीट ऊंचे और 16 पहियों वाले नंदी घोष रथ पर भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा विराजमान होंगे। रथ यात्रा संयोजक राजेश केसरवानी के अनुसार, 29 जून को स्नान-विश्राम यात्रा, 17 जुलाई को भजन गायक सुधीर व्यास का भजन संध्या कार्यक्रम और 19 जुलाई को महाप्रसाद वितरण व तिरुपति बालाजी का शृंगार दर्शन होगा।
वहीं, त्रिवेणी मार्ग, कीडगंज स्थित 200 वर्ष से अधिक प्राचीन श्री जगन्नाथ मंदिर से निकलने वाली ऐतिहासिक रथयात्रा में 20 फीट ऊंचा नंदी घोष रथ, धर्मध्वजा, गरुड़ रथ, कालिया मर्दन, रासलीला और शिव तांडव सहित पांच झांकियां शामिल होंगी।
डॉ. महेंद्र तिवारी के अनुसार, पहली बार श्री राधारमण जी का रथ भी श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ रहेगा। इसके अलावा श्री प्राचीन जगन्नाथ स्वामी मंदिर, कटरा कचहरी रोड समिति की रथयात्रा शाम पांच बजे कटरा में निकाली जाएगी। मुख्य आयोजकों में सुमित जायसवाल, गोपाल बाबू जयसवाल, शिवम साहू सहित समिति के अन्य सदस्य शामिल हैं।