इलाहाबाद यूनिवर्सिटी के वीसी ने कहा कि वे इस्तीफा देने को हैं तैयार
इलाहाबाद। इलाहाबाद विश्वविद्यालय में शिक्षकों की कमी के चलते अतिथि शिक्षकों के जरिए पढ़ाई कराई जा रही है। लंबे समय से शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया पूरी नहीं होने से इविवि के सभी विभागों में पढ़ाई लिखाई पटरी से उतरी हुई है। एक ओर इविवि में शिक्षकों की कमी बनी है, वहीं दूसरी ओर कुलपति कई शिक्षकों को अपने स्टॉफ सहित प्रशासनिक कार्य सौंपकर शिक्षण व्यवस्था को पटरी से उतारने का काम कर रहे हैं। डिप्टी रजिस्ट्रार, असिस्टेंट रजिस्ट्रार एवं ज्वाइंट रजिस्ट्रार की लंबी फौज होने के बाद भी शिक्षकों से प्रशासनिक काम लेना शिक्षण व्यवस्था को पटरी से उतार रहा है।
इलाहाबाद विश्वविद्यालय के केंद्रीय विवि बनने के बाद दो वर्ष फिरदौस वानी रजिस्ट्रार के पद पर रहे, उनके जाने के बाद विवि में रजिस्ट्रार के पद पर कुलपति किसी अपने को नियुक्त करके उन्हें उपकृत करते रहे हैं। विवि में प्रो. जेएन मिश्र, प्रो. बीपी सिंह और अब प्रो. एनके शुक्ल रजिस्ट्रार का काम संभाल रहे हैं। इसी प्रकार परीक्षा नियंत्रक के पद पर लंबे समय से दर्शनशास्त्र विभाग के प्रोफेसर एचएस उपाध्याय कब्जा जमाए हैं। परीक्षा नियंत्रक के पद के लिए उन्होंने अपने विभाग के अध्यक्ष का पद भी छोड़ दिया।
नई सूची में कुलपति कार्यालय में प्रधान निजी सचिव का पद सृजित करके नियुक्त किए गए भूगोल विभाग के डॉ. अनुपम पांडेय एवं ग्लोबलाइजेशन विभाग के डॉ. प्रदीप शर्मा शामिल हो गए हैं। इन विभागों में शिक्षकों की कमी होने के बाद भी कुलपति इन शिक्षकों को पूरे समय अपने कार्यालय में बैठाए हैं। ऐसे में इन विभागों में शिक्षण व्यवस्था प्रभावित हो रही है। विवि के ही एक वरिष्ठ शिक्षक का कहना है कि यह शिक्षक पूर्व में प्रशासनिक अधिकारी बनना चाह रहे थे, परीक्षा में सफल नहीं होने से यह शिक्षक जुगाड़ लगाकर शिक्षक बन गए। अब विवि के कुलपति का करीबी बनकर प्रशासनिक रुतबा कायम कर रहे हैं।