इलाहाबाद। प्रदेश भर में बालू के अवैध खनन की जांच सीबीआई से कराने का आदेश हाईकोर्ट ने फिलहाल वापस नहीं लिया है। प्रदेश सरकार ने इस आदेश को वापस लेने के लिए अर्जी दी है। इस पर मुख्य न्यायमूर्ति डीबी भोसले और न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा की पीठ सुनवाई कर रही है।
प्रदेश सरकार की ओर से बुधवार को इस मामले पर पक्ष रखने के लिए सुप्रीमकोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता राजू रामचंद्रन कोर्ट में उपस्थित हुए। उनका कहना था कि कोर्ट सीबीआई जांच का आदेश देते समय तथ्यों पर विचार नहीं किया और न ही सरकार का पक्ष सुना गया। जबकि इससे पूर्व खनन की सीबीआई जांच को लेकर कई याचिकाएं हाईकोर्ट द्वारा खारिज की जा चुकी हैं। अवैध खनन के पर्याप्त साक्ष्य भी अदालत के समक्ष नहीं हैं। जांच का आदेश जल्दीबाजी में दिया गया है।
महाधिवक्ता विजय बहादुर सिंह ने कहा कि अवैध खनन रोकने के लिए सरकार की ओर से पर्याप्त इंतजाम किए गए हैं। हर जिले में विशेष निगरानी टीम गठित है। कहीं से भी अवैध खनन की शिकायत नहीं मिली है। खंडपीठ ने सरकार से जानना चाहा है कि उसको सीबीआई की जांच रिपोर्ट आने से क्या परेशानी है। रिपोर्ट मिलने के बाद स्थिति पूरी तरह से स्पष्ट हो जाएगी। फिलहाल तकनीकी कारणों से जांच के आदेश पर रोक नहीं लगाई जा सकती है। सरकार का पक्ष सुना जा रहा है। सीबीआई के अधिवक्ता ने बताया कि जांच तेजी से की जा रही है और आठ सितंबर तक सीबीआई अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत कर देगी।