मेडिकल चौराहे के पास सर्विस सेंटर में लगी आग से नुकसान कई गुना ज्यादा हो सकता था। फायरकर्मियों का कहना है कि तेजी न दिखाई गई होती तो वहां सीरियल विस्फोट होता। साथ ही मकान भी ढह जाता। ऐसे में अगल-बगल के मकानों में रहने वालों का भी नुकसान पहुंच सकता था।
आग की सूचना करीब 8 बजे फायरब्रिगेड को मिली और प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि 10 मिनट के भीतर ही दमकल लेकर फायरकर्मी मौके पर पहुंच चुके थे। वहां पहुंचते ही कर्मचारियों ने आग पर काबू पाने का प्रयास शुरू किया। अभी आग पर पानी की बौछार शुरू ही की गई थी कि तभी एक के बाद एक दो जोरदार धमाके हुए, जिससे वहां दहशत फैल गई। एकाएक हुए धमाके से एकबारगी तो फायरकर्मी भी पीछे हट गए।
उधर आसपास के लोग भी दूर जा खड़े हुए। हालांकि फायरमैन धर्मेंद्र मिश्रा के नेतृत्व में हिम्मत दिखाते हुए अग्निशमन विभागकर्मी भीतर गए और वहां रखे तीन एलपीजी व दो आक्सीजन सिलिंडर बाहर निकाल लाए, जिसके बाद लोगों ने राहत की सांस ली। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना था कि आग की चपेट में आने से पहले ही बाकी सिलेंडर बाहर निकाल लिए गए। वरना वहां और भी सिलेंडर फट सकते थे और इससे मकान भी ढह सकता था।
जांच के बाद फायरकर्मियों का कहना है कि सर्विस सेंटर के भीतर रिपेयरिंग के दौरान वेल्डिंग आदि का भी काम होता था और इसके लिए ही वहां एलपीजी व ऑक्सीजन सिलिंडर रखे गए थे। घटना के दौरान आग की चपेट में आने के बाद दो सिलेंडर फट गए, जबकि एलपीजी के तीन छोटे व दो आक्सीजन सिलिंडर को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।
घटना के बाद सर्विस सेंटर के अगल-बगल स्थित मकानों में रहने वाले घंटों सहमे रहे। सर्विस सेंटर के ठीक बगल सुधीर श्रीवास्तव का मकान है जेा एक फार्मा कंपनी में काम करते हैं। उन्होंने बताया कि सुबह सभी लोग अपने-अपने कामों में व्यस्त थे। अचानक कुछ जलने की बदबू बहुत तेजी से फैली तो वह बाहर निकले। देखा कि सर्विस सेंटर से बहुत तेजी से धुआं निकल रहा था। कुछ देर बाद ऊंची-ऊंची लपटें उठने लगीं जो उनके बारजे तक पहुंच जा रही थी। घबराकर वह परिवार को लेकर मकान से बाहर निकल गए। बताया कि आग के चलते उनके घर की दीवारें भी गरम हो गई थीं। उधर मोहल्ले के अन्य लोग भी दहशत में रहे। घटना के चलते दोपहर तक कॉलोनी की बिजली आपूर्ति भी बाधित रही।