इलाहाबाद। संगीतकार रवींद्र जैन के निधन पर देश भर के संगीत प्रेमियों में शोक की लहर है। उनके चाहने वालों को भी उनका जाना खल रहा है। रवींद्र जैन की शिष्या मुट्ठीगंज की एकता केसरवानी ने शनिवार को अमर उजाला से बातचीत में कहा कि रवींद्र जैन से मिलकर परसों ही इलाहाबाद के लिए निकली, लीलावती हास्पिटल में भर्ती थे।
मिलकर आई पर रास्ते में उनके निधन की खबर मिली। उनके जाने से गार्जियन खो दिया है। कहा, 2009 में जब वे इलाहाबाद शो करने आए तब पहली बार मुलाकात हुई। उनके प्रोत्साहन से ही मुंबई पहुंची। उनकी आरजे एकेडमी में प्रवेश लिया और संगीत की बारीकियां सीखी। मेरे लिए गार्जियन जैसे थे। उनके साथ कई शो भी किए। एक अक्तूबर को क्लास करते समय यह नहीं लगा था कि आखिरी बार उनसे सीख रही हूं।
जाने-माने गीतकार-संगीतकार रवींद्र जैन का जाना संगमनगरी के संगीतप्रेमियों को आहत कर गया है। शनिवार को विभिन्न संस्थाओं की ओर से शोकसभा कर श्रद्धांजलि दी गई। रिदमिक वाइब्रेशन्स इंस्टीट्यूट आफ म्यूजिक की ओर से आयोजित शोकसभा में डायरेक्टर डा. विद्या सिन्हा ने कहा कि रवींद्र दादा संस्थान के मार्ग दर्शक ही नहीं जनक थे। शोक व्यक्त करने वालों में अशोक पांडेय, शिम ओझा, हिमांशु चतुर्वेदी आदि रहे।