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High Court : महज सूचना देर से देने के आधार पर बीमा दावा निरस्त करना न्यायोचित नहीं

Thu, 29 Jan 2026 03:36 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने भैंस बीमा क्लेम से जुड़े एक मामले में बैंक और बीमा कंपनी को सेवा में कमी का दोषी मानते हुए परिवादी के पक्ष में फैसला सुनाया है।
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अदालत का फैसला। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने भैंस बीमा क्लेम से जुड़े एक मामले में बैंक और बीमा कंपनी को सेवा में कमी का दोषी मानते हुए परिवादी के पक्ष में फैसला सुनाया है। आयोग ने कहा कि बीमा कंपनी को महज सूचना देर से भेजे जाने के आधार पर बीमा दावा निरस्त करना न्यायोचित नहीं है।

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आयोग ने विपक्षियों को मृत भैंस का बीमा क्लेम 30 हजार रुपये आठ प्रतिशत वार्षिक साधारण ब्याज सहित अदा करने का आदेश दिया है। यह आदेश आयोग के अध्यक्ष मोहम्मद इब्राहीम एवं सदस्य प्रकाश चंद्र त्रिपाठी की पीठ ने ज्ञान प्रकाश की ओर से दायर परिवाद पर दिया है।

बारा के जसरा के गौधनी चिल्ला निवासी ज्ञान प्रकाश ने आरोप लगाया था कि उसने घूरपुर शाखा के बड़ौदा उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक से भैंस पालन के लिए 30 हजार रुपये का ऋण लिया था। ऋण के तहत खरीदी गई भैंस का बीमा यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड से कराया गया था। बीमा के समय भैंस के कान में इयर टैग लगाया गया था।
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इयर टैग गिर जाने पर उसने पशु चिकित्साधिकारी से नया टैग लगवाया और इसकी लिखित सूचना सात अप्रैल 2014 को बैंक को दे दी। इसके बावजूद बैंक की ओर से बीमा कंपनी को सूचना नहीं दी गई। इसी बीच छह नवंबर 2014 को भैंस की मृत्यु हो गई, जिसकी सूचना भी बैंक को दी गई।

बीमा कंपनी की ओर से तकनीकी आधार पर दावा निरस्त कर दिया गया। इसके बाद उपभोक्ता आयोग में परिवाद दाखिल किया। बीमा कंपनी ने दलील दी कि इयर टैग बदलने की सूचना समय पर नहीं दी गई। इस कारण भैंस का सत्यापन नहीं हो सका। बीमा पॉलिसी की शर्तों के अनुसार नो टैग नो क्लेम के तहत बीमा का भुगतान नहीं किया गया।

आयोग ने आदेश दिया कि विपक्षी निर्णय की तिथि से दो माह के भीतर याची को बीमा पॉलिसी के अंतर्गत 30 हजार रुपये परिवाद दाखिल करने की तिथि से अंतिम भुगतान तक आठ प्रतिशत वार्षिक साधारण ब्याज सहित अदा करें। साथ ही याची को पांच हजार रुपये आर्थिक एवं मानसिक क्षतिपूर्ति और दो हजार रुपये वाद व्यय के रूप में भी दिए जाएं।

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