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UPPSC: आयोग के लिए पीसीएस परीक्षा समय से करा पाना मुश्किल

Tue, 05 May 2020 02:31 PM IST
अमर उजाला लोकल ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
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UPPSC pcs 2017 result - फोटो : अमर उजाला
उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) के लिए पीसीएस-2020 की प्रारंभिक परीक्षा निर्धारित समय पर करा पाना मुश्किल होगा। आयोग की ओर से सात जून तक की सभी परीक्षाएं स्थगित की जा चुकी हैं। आयोग के कैलेंडर में पीसीएस-2020 की प्रारंभिक परीक्षा 21 जून को प्रस्तावित है, जिसके आयोजन पर संकट मंडरा रहा है।

आयोग की ओर से अब तक खंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ), कंप्यूटर सहायक (उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग) परीक्षा-2019, समीक्षा अधिकारी (आरओ)/सहायक समीक्षा अधिकारी (एआरओ)-2016 की प्रारंभिक परीक्षा, पीसीएस मेंस-2019, एपीओ मेंस-2018, सम्मिलित राज्य अभियंत्रण सेवा परीक्षा स्थगित की जा चुकी है।

इसके अलावा प्राविधिक शिक्षा विभाग में प्रवक्ता सिविल, चिकित्सा शिक्षा विभाग में असिस्टेंट प्रोफेसर पीडियाट्रिक्स, शिक्षा विभाग में प्रवक्ता अर्थशास्त्र एवं प्रवक्ता भूगोल के पदों पर सीधी भर्ती के लिए इंटरव्यू भी स्थगित किए जा चुके हैं। आयोग के कैलेंडर में 21 जून को प्रस्तावित पीसीएस परीक्षा-2020 के लिए आवेदन की प्रक्रिया चल रही है। आयोग को पीसीएस-2020 के तहत लगभग दो सौ पदों पर भर्ती का अधियाचन मिला है।
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यूपीपीएससी - फोटो : अमर उजाला
अभ्यर्थियों का कहना है कि लॉक डाउन के कारण साइबर कैफे बंद पड़े हें और आवेदन की प्रक्रिया पूरी करने में तमाम तकनीकी अड़चनें आ रही है। आवेदन की अंतिम तिथि 21 मई निर्धारित है। अभ्यर्थी लगातार मांग कर रहे हैं कि आवेदन की अंतिम तिथि अनिश्चितकाल के लिए बढ़ा दी जाए। अभ्यर्थियों का कहना है कि जब सीएम ने प्रदेश में 30 जून तक सार्वजनिक कार्यक्रमों पर रोक लगा रखी है तो परीक्षा कैसे कराई जा सकती है। इसके अलावा पीसीएस परीक्षा के लिए देश भर से अभ्यर्थी आवेदन करते हैं।

खासतौर पर हिंदी भाषी राज्यों से आवेदन करने वालों की संख्या काफी अधिक होती है। इनमें यूपी समेत बिहार, मध्य प्रदेश, उत्तराखंड, दिल्ली, राजस्थान के छात्रों की संख्या काफी अधिक होती है। इन राज्यों के तमाम जिले रेड जोन में हैं और 21 जून तक इन जिलों में क्या स्थिति रहती है, अभी स्पष्ट नहीं है।

अगर रेड जोन के कारण पाबंदियां नहीं हटाई जाती हैं तो प्रभावित जिलों के अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल नहीं हो सकेंगे। प्रतियोगी छात्र संघर्ष समिति के मीडिया प्रभारी अवनीश पांडेय का कहना है कि आयोग को इन सभी बिंदुओं पर विचार करने के बाद ही परीक्षा कराने पर कोई निर्णय लेना चाहिए। अगर अभ्यर्थी परीक्षा से वंचित हो रहे हैं तो आयोग को परीक्षा स्थगित करनी चाहिए।
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