यह आदेश जस्टिस बीके बिड़ला तथा जस्टिस राहुल चतुर्वेदी ने रवि कुमार की याचिका पर दिया है। याची ने याचिका दाखिल कर गौतमबुद्ध नगर में तैनात सिविल जज जूनियर डिविजन महिमा जैन तथा उनके पेशकार कुसुम लता दक्ष के खिलाफ आरोप लगाते हुए कार्रवाई करने की मांग की थी। कोर्ट ने याचिका को निराधार बताते हुए तथा कोर्ट का समय अनावश्यक खराब करने को लेकर याची पर 50000 हर्जाना लगाया है तथा याचिका खारिज कर दी।
हाईकोर्ट ने निर्देश दिया है कि याची हर्जाने की रकम पांच माह के अंदर रजिस्ट्रार जनरल हाईकोर्ट के समक्ष जमा करेगा। कोर्ट ने आदेश की प्रति को न्यायिक अधिकारी तथा जिला जज गौतमबुद्ध नगर को भी भेजने का निर्देश दिया है।