आईएससी बोर्ड परचम लहराने वाली जीएचएस की छात्राएं अनन्या अग्रवाल, तविषी श्रीवास्तव, श्रेया श्रीवास्तव
- फोटो : अमर उजाला।
आईएससी की परीक्षा में संगम नगरी के दर्जन भर स्कूलों के तकरीबन चार हजार विद्यार्थी शामिल हुए, जिनमें से बेटियों ने फिर परचम लहराया। ऑल इंडिया टॉप थ्री मेरिट में जगह बनानी वाली चारों छात्राएं अनन्या अग्रवाल, तविषी श्रीवास्तव, श्रेया श्रीवास्तव और वंशिका शर्मा जीएचएस में बारहवीं कक्षा के एक ही सेक्शन-‘बी’ में पढ़ती हैं और चारों में गहरी दोस्ती है। इन बेटियों की उपलब्धि ने प्रयागराज का मान बढ़ाया है।
अनन्या अग्रवाल फेसबुक पर तो वंशिका शर्मा वाट्सएप और इंस्टाग्राम पर सक्रिय हैं, लेकिन बहुत कम। सोशल मीडिया पर चंद दोस्तों से ही उनका संवाद होता है। वहीं, तविषी श्रीवास्तव और श्रेया श्रीवास्तव ने सोशल मीडिया से तरह से दूरी बना रखी है। चारों ने अपने-अपने हिसाब से पढ़ाई भी की। अनन्या ने हर विषय के लिए अलग से कोचिंग या ट्यूशन किया। वंशिका शर्मा ने भी ऑनलाइन कोचिंग की, जबकि तनिषा और श्रेया ने कोचिंग नहीं की। श्रेया का कहना है कि स्कूल में जो पढ़ाया गया, वह परीक्षा की तैयारी के लिए पर्याप्त रहा।
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हालांकि, चारों टॉपर्स यह मानती हैं कि परीक्षा की तैयारी घड़ी देखकर नहीं करनी चाहिए। अन्य विद्यार्थियों के लिए उनकी सलाह है कि रोज पढ़ें और अंत के लिए कुछ न छोड़ें। अनन्या का कहना है कि परीक्षा के समय टेंशन लेने की कोई जरूरत नहीं। वह परीक्षा से एक दिन पहले अपने माता-पिता के साथ डिनर के लिए बाहर जाया करतीं थीं। अन्य टॉपर्स का भी कहना है कि रोज एक लक्ष्य निर्धारित करें और उसे पूरा करें। जो पढ़ें, उस पर पूरी तरह से फोकस करें और अपने लक्ष्य के प्रति ईमानदार रहें।
‘शांति से करें कड़ी मेहनत, सफलता शोर मचाएगी’
शांति से कड़ी मेहनत करते रहें, सफलता खुद शोर मचाएगी। गर्ल्स हाईस्कूल एंड कॉलेज (जीएचएस) की प्रधानाचार्य डॉ. विनीता इसूबियस ने स्कूल की छात्राओं को यही मंत्र दिया है। डॉ. विनीता के अनुसार जीएचएस की छात्राओं ने फिर साबित किया है कि ‘मैं कर सकती हूं और मैं करूंगी।’ इसी का नतीजा है कि जीएचएस ने 24 जुलाई को अपने सभी पिछले रिकार्ड तोड़ दिए और शिक्षा के क्षेत्र में एक नया प्रतिमान स्थापित किया।