गर्भावस्था के दौरान मां का नियमित रूप से कैल्शियम और विटामिन का सेवन न करना नवजात के लिए घातक हो सकता है। जो नवजात में हाइपोकैल्सीमिया को बढ़ावा दे सकता है। इसके चलते नवजात की हड्डियों में कमजोरी, मांसपेशियों में दर्द, कमजोरी, झटके आना व बार-बार बीमार पड़ने की संभावना बढ़ जाती है। समय पर मां का दूध न मिलना भी कैल्शियम और विटामिन डी की कमी का प्रमुख कारण है।
मोती लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज (एमएलएन) के बाल रोग विभाग ने 100 नवजात (तीन माह तक के बच्चे) पर हुए अध्ययन में इसकी पुष्टि की है। अध्ययन में करीब 65 फीसदी नवजातों के ब्लड की जांच में कैल्शियम और विटामिन डी की कमी पाई गई। इस दौरान शिशुओं के माताओं की काउंसलिंग की गई। जिसमें में पाया गया कि माताओं ने गर्भावस्था के दौरान नियमित रूप से कैल्शियम और विटामिन की दवाओं का सेवन नहीं किया था। जिसका असर नवजात पर पड़ा।
बाल रोग की विभागाध्यक्ष डॉ. मनीषा मौर्या ने कहा, अगर माताएं गर्भावस्था के दौरान नियमित रूप से कैल्शियम व विटामिन की दवाओं का सेवन करें तो नवजात को कई बीमारियों से बचाया जा सकता है। फिलहाल यह अध्ययन इंडियन जर्नल ऑफ नियोनेटल मेडिसिन एंड रिसर्च में प्रकाशित हुआ है।
कैल्शियम और विटामिन की कमी से होने वाली परेशानी
1-रिकेट्स के कारण हड्डियों का विकास असामान्य हो जाता है, जिससे पैर मुड़ सकते हैं।
2-बच्चों के बैठने, चलने व रेंगने में देरी हो सकती है।
3-दांत देर से निकलना व कमजोर होने की परेशानी।
4-इम्युनिटी कमजोर होने से बार-बार बीमारी का खतरा।