यात्री सुरक्षा को लेकर उत्तर मध्य रेलवे (एनसीआर) ने नया कीर्तिमान स्थापित किया है। देश के सभी रेलवे जोन में से उत्तर मध्य रेलवे पहला ऐसा जोन बन गया है, जिसने अपनी सभी ट्रेनों के एसी कोच में फायर और स्मोक डिटेक्टर सिस्टम लगाने का कार्य 100 फीसदी पूरा किया है। अब एनसीआर के सभी 730 एसी कोच में सफर करना पहले से ज्यादा सुरक्षित होगा।
ट्रेनों में आग जैसी अप्रिय घटनाओं को रोकने के लिए यह आधुनिक प्रणाली सुरक्षा कवच की तरह काम करेगी। एसी कोच की छत पर लगाए गए स्मोक डिटेक्टर और पूरी बोगी में बिछाई गई पाइपलाइन के जरिये धुएं की आहट मिलते ही मोटर सक्रिय हो जाएंगे। स्थिति गंभीर होने पर सिस्टम न केवल अलार्म बजाएगा, बल्कि ट्रेन में स्वतः इमरजेंसी ब्रेक भी लगा देगा।
करीब तीन वर्ष पहले प्रमुख ट्रेनों में फायर सेफ्टी सिस्टम लगाने की योजना शुरू हुई थी। पहले चरण में प्रयागराज एक्सप्रेस और हमसफर एक्सप्रेस जैसी ट्रेनों को इस तकनीक से लैस किया गया था। फिलहाल अब प्रयागराज-डॉ. अंबेडकरनगर, सूबेदारगंज-मेरठ सिटी संगम एक्सप्रेस, कानपुर शताब्दी, प्रयागराज-लालगढ़, सूबेदारगंज-उधमपुर समेत कई ट्रेनों के एसी कोच भी इस सिस्टम से लैस हो गए हैं। एनसीआर के सीनियर पीआरओ डॉ. अमित कुमार मालवीय ने बताया कि जोन के सभी एसी कोच व पावर कार में यह सिस्टम लगा दिया गया है।