इलाहाबाद हाईकोर्ट ने आजमगढ़ जिले के निजामाबाद थाना क्षेत्र के ग्राम अमहन माफी निवासी श्याम धर यादव की याचिका पर राज्य सरकार से जवाब मांगा है। कोर्ट ने पूछा है कि किन परिस्थितियों में संबंधित भूमि के ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई। साथ ही न्यायालय के पूर्व आदेशों का पालन क्यों नहीं किया। मामले की अगली सुनवाई 19 जून को होगी।
यह आदेश न्यायमूर्ति विक्रम डी. चौहान और न्यायमूर्ति लक्ष्मीकांत शुक्ल की खंडपीठ ने दिया है। याची श्याम धर यादव ने अपनी याचिका में बताया कि भूमि पहले याची के नाम पर दर्ज थी। तहसील पुनर्गठन के बाद पहले उसे बंजर और बाद में सड़क के रूप में दर्ज कर दिया गया। आरोप है कि बाद में उक्त भूमि पर निर्माण कराया।
याची ने वर्ष 1992 में संबंधित मामले में दीवानी वाद दायर किया था। इसमें न्यायालय की ओर से कई आदेश पारित किए गए। लेकिन, उनका अनुपालन नहीं किया गया। याची ने एसडीएम, तहसीलदार और नाजिर के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने, परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने और 10 अप्रैल 2026 के न्यायालयी आदेश और 28 मार्च 2026 के बेदखली आदेश के अनुसार भूमि वापस दिए जाने की मांग की है।