मोतीलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज प्रयागराज।
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इलाहाबाद हाईकोर्ट ने प्रयागराज के मोतीलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज से जुड़े निर्माण कार्य में लगातार हो रही देरी पर नाराजगी जताई है। कोर्ट ने पाया कि उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास निगम (यूपीएससीआईडीसीओ) ने 30 सितंबर 2026 तक परियोजना पूरी करने का आश्वासन दिया था, लेकिन निर्धारित समय बीतने के बाद भी छह में से केवल एक लिफ्ट ही चालू हो सकी है।
अदालत ने मामले को गंभीरता से लेते हुए उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव को पूरे प्रकरण की जांच कर उचित कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। न्यायमूर्ति रोहित रंजन अग्रवाल की अदालत ने डॉ. अरविंद गुप्ता की याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश दिया। सुनवाई के दौरान यूपीएससीआईडीसीओ के प्रबंध निदेशक का व्यक्तिगत हलफनामा भी अदालत में दाखिल किया गया। कोर्ट ने कहा कि हलफनामे से एक बार फिर वही पुरानी कहानी सामने आई है। अधिकारी द्वारा दिए गए आश्वासन के बावजूद परियोजना निर्धारित समय में पूरी नहीं हुई।
अदालत ने कहा कि पूर्व में दाखिल हलफनामों में स्पष्ट रूप से बताया गया था कि पूरी परियोजना 30 सितंबर 2026 तक पूरी कर ली जाएगी। जुलाई और अगस्त 2026 में अधिकारी के व्यक्तिगत रूप से अदालत में उपस्थित होने के दौरान भी आश्वासन दिया गया था कि 30 सितंबर तक कम से कम पांच लिफ्ट चालू हो जाएंगी। इसके बावजूद तय समयसीमा बीतने पर केवल एक लिफ्ट ही चालू है।
यूपीएससीआईडीसीओ की ओर से बताया गया कि दूसरी लिफ्ट आंशिक रूप से स्थापित हो चुकी है। 20 अक्तूबर तक चालू हो जाएगी। इसी क्रम में अदालत ने मुख्य सचिव को मामले को देखने और उचित कार्रवाई करने का निर्देश दिया। अदालत ने 21 सरकारी बंगलों को ध्वस्त करने के लिए कैबिनेट की अनुमति से जुड़ी जानकारी देने के लिए चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के प्रमुख सचिव को भी अगली सुनवाई पर व्यक्तिगत हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया है। मामले की अगली सुनवाई 7 अक्तूबर 2026 को दोपहर दो बजे होगी।