बांग्लादेश से नाव से मंगाता था जाली नोट
एसटीएफ के मुताबिक, पूछताछ में दीपक ने बताया है कि वह बांग्लादेश से नाव से जाली नोट मंगाता है और फिर डिमांड के मुताबिक इसे बिहार, दिल्ली, राजस्थान, उप्र, बिहार, पंजाब, केरल में सप्लाई करता है। इसके अलावा लोगों को वह अपने गांव में बुलाकर भी जाली नोटों की सप्लाई करता है।
दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने भेजा था जेल
सरगना दीपक पहले भी कई बार जेल जा चुका है। 2017 में 5.5 लाख और 2018 में 7.5 लाख रुपये के जाली नोट बरामद करते हुए दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने उसे तिहाड़ जेल भेजा था। इससे पहले 2013 में वह तीन लाख रुपये के नकली नोटों संग शिवकुटी में एसटीएफ की कार्रवाई में गिरफ्तार किया गया था।
उसने पूछताछ में एसटीएफ को यह भी बताया है कि रूपेश के पकड़े जाने के बाद रामू साहू ने उसे जानकारी दी थी कि वह दोनों भी कीडगंज में दर्ज मुकदमे में वांछित हो गए हैं और इसकेबाद से वह बेहद सतर्क हो गया था। उसने यह भी बताया कि शिवकुटी से गिरफ्तारी के बाद नैनी जेल में ही उसकी मुलाकात रामू से हुई थी और जेल से छूटने के बाद वह फिर इसी धंधे में लग गया।