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प्रयागराज : अंतराष्ट्रीय जाली नोट तस्कर गिरोह के सरगना को एसटीएफ ने केरल से दबोचा, एक लाख का है इनामी

Thu, 09 Dec 2021 09:37 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला ब्यूरो, प्रयागराज
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18 साल पुराने मामले में फरार वारंटी को गिरफ्तार किया गया। (सांकेतिक फोटो) - फोटो : Social Media
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बांग्लादेश से लाकर जाली नोटों की तस्करी करने वाले गिरोह का सरगना दीपक मंडल केेरल से गिरफ्तार कर लिया गया। एक लाख का यह इनामी लंबे समय से वांछित चल रहा था जिसे एसटीएफ प्रयागराज इकाई ने पकड़ा। एसटीएफ का कहना है कि आरोपी 12-14 सालों से जाली नोटों की तस्करी के धंधे में लगा हुआ था। उसे ट्रांजिट रिमांड पर शहर लाकर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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एसटीएफ अफसरों के मुताबिक, जून में फूलपुर निवासी रूपेश कुमार को एक लाख केनकली नोटों संग पकड़ा गया।

उससे पूछताछ में रामू साहू निवासी कौड़िहार नवाबगंज व सरगना दीपक मंडल निवासी जयनपुर, वैष्णव नगर, मालदा पश्चिम बंगाल का नाम सामने आया। अक्तूबर में 50 हजार के इनामी रामू साहू को गिरफ्तार किया गया और उससे पूछताछ में मिली जानकारी के आधार पर पिछले दिनों एक टीम ने पश्चिम बंगाल के मालदा में दबिश दी। हालांकि वह वहां से भाग निकला। लेकिन टीम उसकेपीछे लगी रही। आखिरकार बुधवार को उसे त्रिवेंद्रम केरल से गिरफ्तार कर लिया गया।

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बांग्लादेश से नाव से मंगाता था जाली नोट
एसटीएफ के मुताबिक, पूछताछ में दीपक ने बताया है कि वह बांग्लादेश से नाव से जाली नोट मंगाता है और फिर डिमांड के मुताबिक इसे बिहार, दिल्ली, राजस्थान, उप्र, बिहार, पंजाब, केरल में सप्लाई करता है। इसके अलावा लोगों को वह अपने गांव में बुलाकर भी जाली नोटों की सप्लाई करता है।

दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने भेजा था जेल
सरगना दीपक पहले भी कई बार जेल जा चुका है। 2017 में 5.5 लाख और 2018 में 7.5 लाख रुपये के जाली नोट बरामद करते हुए दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने उसे तिहाड़ जेल भेजा था। इससे पहले 2013 में वह तीन लाख रुपये के नकली नोटों संग शिवकुटी में एसटीएफ की कार्रवाई में गिरफ्तार किया गया था।

उसने पूछताछ में एसटीएफ को यह भी बताया है कि रूपेश के पकड़े जाने के बाद रामू साहू ने उसे जानकारी दी थी कि वह दोनों भी कीडगंज में दर्ज मुकदमे में वांछित हो गए हैं और इसकेबाद से वह बेहद सतर्क हो गया था। उसने यह भी बताया कि शिवकुटी से गिरफ्तारी के बाद नैनी जेल में ही उसकी मुलाकात रामू से हुई थी और जेल से छूटने के बाद वह फिर इसी धंधे में लग गया। 
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