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हाईकोर्ट : अवैध बंदी मामले में 25 लाख रुपये मुआवजा देने के आदेश पर अंतरिम रोक, डबल बेंच ने दिया आदेश

Sat, 10 Oct 2026 05:22 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने दो सगी बहनों को इच्छा के विरुद्ध पिता की हिरासत में रखने के मामले में राज्य सरकार को 25 लाख रुपये मुआवजा देने के एकल पीठ के आदेश पर अगले आदेश तक रोक लगा दी है।
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अदालत का फैसला। - फोटो : अमर उजाला।
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इलाहाबाद हाईकोर्ट ने दो सगी बहनों को इच्छा के विरुद्ध पिता की हिरासत में रखने के मामले में राज्य सरकार को 25 लाख रुपये मुआवजा देने के एकल पीठ के आदेश पर अगले आदेश तक रोक लगा दी है। यह आदेश मुख्य न्यायमूर्ति अरुण भंसाली व न्यायमूर्ति क्षितिज शैलेंद्र की खंडपीठ ने राज्य सरकार की विशेष अपील पर दिया।

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आगरा की दो सगी बहनों ने हाईकोर्ट में बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दायर की थी। मामले में एकलपीठ ने बहनों को उनकी इच्छा के अनुसार मनपसंद जगह और व्यक्ति के साथ रहने की आजादी देते हुए 25 लाख रुपये मुआवजा देने का आदेश दिया। इसे फैसले के खिलाफ राज्य ने विशेष अपील दायर की।

खंडपीठ ने स्पष्ट किया कि सुनवाई के दौरान राज्य सरकार को अपना पक्ष रखने का अवसर नहीं दिया गया। इसी आधार पर खंडपीठ ने अगली सुनवाई तक मुआवजा देने के निर्देश पर रोक लगा दी। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि यह रोक केवल 25 लाख रुपये के मुआवजे के आदेश पर है।

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