इलाहाबाद हाईकोर्ट ने रामपुर के चर्चित बलपूर्वक बेदखली मामले में ट्रायल कोर्ट के अंतिम फैसले पर लगी रोक को 15 नवंबर तक बढ़ा दिया है। यह आदेश न्यायमूर्ति समीर जैन की एकलपीठ ने आजम खां और अन्य की अर्जी पर दिया है।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने रामपुर के चर्चित बलपूर्वक बेदखली मामले में ट्रायल कोर्ट के अंतिम फैसले पर लगी रोक को 15 नवंबर तक बढ़ा दिया है। यह आदेश न्यायमूर्ति समीर जैन की एकलपीठ ने आजम खां और अन्य की अर्जी पर दिया है।
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रामपुर के कोतवाली में 2019 में मुकदमा दर्ज किया गया था। इसमें आजम खान और अन्य पर डकैती, घर में अनधिकृत प्रवेश और आपराधिक षड्यंत्र जैसे संगीन आरोप लगाए गए थे। आजम खां व उनके सहयोगी वीरेंद्र गोयल ने अपनी बेगुनाही को साबित करने के लिए ट्रायल कोर्ट में कुछ साक्ष्य प्रस्तुत करने के लिए आवेदन दाखिल किया था। 30 मई 2025 के आदेश से ट्रायल कोर्ट ने आवेदन को खारिज कर दिया था। इस फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती दी गई है।