इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उच्च न्यायालय सहित प्रदेश की अधीनस्थ अदालतों, अधिकरणों व न्यायिक संस्थाओं द्वारा पारित आदेशों को 31 तक के लिए बढ़ा दिया है। इससे उन वादकारियों को लाभ मिलेगा जिनके मुकदमों में पारित आदेश इस अवधि के भीतर समाप्त हो रहे थे। इसी क्रम में कोर्ट ने जमानत के आदेश, ध्वस्तीकरण व बेदखली पर रोक के आदेश की अवधि भी 31 अगस्त तक बढ़ा दी है।
यह आदेश न्यायमूर्ति पंकज मित्तल एवं न्यायमूर्ति डॉ वाईके श्रीवास्तव की खंडपीठ ने स्वत: कायम जनहित याचिका पर दिया है। कोर्ट ने कहा कि केंद्र सरकार ने अनलॉक में काफी छूट दी है। इसके बावजूद लिंक अदालतें व हॉट स्पॉट एरिया की अदालतों मे काम नहीं हो पा रहा है। ऐसी स्थिति में इस अवधि में समाप्त होने वाले आदेशों की अवधि बढ़ाई गई है। कोर्ट ने कहा कि जो अंतरिम आदेश कोर्ट के अगले आदेश पर निर्भर हैं, वे यथावत रहेंगे। उन पर इस आदेश का कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।
कोर्ट ने आदेश की प्रति सभी अदालतों, अधिकरणों, महाधिवक्ता, अपर सॉलिसिटर जनरल, सहायक सॉलिसिटर जनरल, राज्य लोक अभियोजक व यूपी बार कौंसिल के अध्यक्ष को भेजने को कहा है। कोर्ट ने इससे पहले आठ जून, 19 जून व 10 और 14 जुलाई के आदेशों से अंतरिम आदेश, जमानत के आदेश, ध्वस्तीकरण व बेदखली पर रोक के आदेशों आगे जारी रखने का निर्देश दिया था। याचिका पर अगली सुनवाई 19 अगस्त को होगी।