Instructions for investigation against SRN Blood Bank's MO
प्रयागराज। एसआरएन अस्पताल में भर्ती एचआईवी पीड़ित मरीज को एक यूूनिट खून ने देना ब्लड बैंक के एमओ को भारी पड़ गया है। प्राचार्य ने मामले को गंभीरता से लेते हुए विभागाध्यक्ष समेत अन्य कर्मचारियों से पूछताछ की है। नाको के निर्देशों की अनदेखी करने पर उन्हें नोटिस जारी किया गया है। प्राचार्य डॉ. एसपी सिंह ने उनके खिलाफ जांच शुरू करा दी है।
अमर उजाला ने बृहस्पतिवार के अंक में ‘एचआईवी पीड़ित को भी डोनर लाने पर मिला खून’ शीर्षक से खबर प्रकाशित कर ब्लड बैंक कर्मचारियों की लापरवाही को उजागर किया था। खबर का संज्ञान लेते हुए एमएलएन मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. एसपी सिंह ने कड़े निर्देश दिए हैं। जिसमें एचआईवी पीड़ितों को इलाज के लिए बिना डोनर खून उपलब्ध कराने को कहा गया है। इस बात को गंभीरता से लिया गया है कि ब्लड बैंक के स्टोर में ओ पाजिटिव ग्रुप का रक्त उपलब्ध होने के बाद पीड़ित और उसके तीमारदार बेटे को दो दिन तक दौड़ाया गया।
प्रचार्य डॉ. एसपी सिंह ने बताया कि पीड़ित के उपचार संबंधी सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने विभागाध्यक्ष डॉ. वत्सला मिश्रा से इस मामले में जानकारी मांगी है। प्राचार्य के मुताबिक ब्लड बैंक में तैनात एमओ देवेंद्र यादव के खिलाफ जांच कराई जा रही है। रिपोर्ट आने पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।