फ्लैट या प्लॉट खरीदने के बाद कई वर्षों तक किस्त नहीं जमा कर सके और अब ब्याज की धनराशि संपत्ति की कीमत के बराबर पहुंच गए। प्रयागराज विकास प्राधिकरण (पीडीए) के ऐसे 317 बकायेदाराें को अब एकमुश्त समाधान योजना (ओटीएस) से राहत की उम्मीद है।
पीडीए ने अपनी विभिन्न योजनाओं में फ्लैट या प्लॉट खरीदने वाले 317 बकायेदारों को ओटीएस के तहत बड़ी राहत दी है। इन पर तकरीबन 41 करोड़ रुपये की धनराशि बकाया है। पीडीए ने इन्हें प्लॉट या फ्लैट आवंटित किए थे लेकिन आवंटी नियमित रूप से किस्त अदा नहीं कर सके। धीमे-धीमे ब्याज बढ़ता गया और चक्रवृद्धि ब्याज अब इतना बढ़ चुका है कि कई आवंटियों के फ्लैट व प्लॉट की कीमत इसके बराबर पहुंच गई है।
कई मामले ऐसे भी हैं, जहां प्लॉट की रजिस्ट्री तो हो गई लेकिन फ्रीहोल्ड की प्रक्रिया अधूरी रह गई। इस से वजह से भी आवंटियों में किस्त समय से जमा नहीं की और ब्याज बढ़ता चला गया। इस तरह आवंटियों पर अब तकरीबन 41 करोड़ रुपये की धनराशि बकाया है और इन आवंटियों ने वर्षों से किस्तें जमा नहीं की हैं।
पीडीए ने आवंटियों को बड़ी राहत देते हुए एकमुश्त समाधान योजना लागू कर दी है। इसके तहत जुर्माना के तौर पर जो भी ब्याज लगाया गया है, उसे पूरी तरह माफ कर दिया जाएगा और लोगों को चार से सात किस्तों में बकाया धनराशि जमा करने का मौका दिया जाएगा। यदि कोई बकाएदार किस्तों की संख्या बढ़वाता तो उसे कम फायदा होगा।
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‘पीडीए की विभिन्न योजनाओं में 41 करोड़ रुपये के 317 बकाएदार हैं जिन्होंने वर्षों से किस्त जमा नहीं की है। बकायेदारों को राहत देने के लिए ओटीएस को लागू किया गया है और जगह-जगह शिविर लगाकर बकाया जमा कराने की शुरुआत की गई है।’
ऋषि राज, उपाध्यक्ष, प्रयागराज विकास प्राधिकरण