इलाहाबाद (झूंसी)। किशोरी को भगाने के आरोप में जेल भेजे गए युवकों के परिजनों ने शुक्रवार दोपहर झूंसी थाने में जमकर बवाल काटा। दर्जनों की संख्या में महिला और पुरुष थाने के अंदर पहुंचे। नाराज लोग कोतवाल और दरोगा के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। इंस्पेक्टर ने उन्हें रोका तो बात बढ़ गई। प्रदर्शन कर रहे लोग कोतवाल से हाथापाई करने लगे। हंगामे की सूचना पर एसपी गंगापार मौके पर पहुंचे। तब जाकर मामला शांत हुआ। एसपी गंगापार ने जिस दरोगा को लेकर लोगों में नाराजगी थी। उसके खिलाफ जांच के लिए एसएसपी से सिफारिश की है।
अंदावा इलाके से 10 सितंबर को एक किशोरी गायब हो गई। किशोरी के परिजनों ने खोजबीन के बाद विवेक, राजकुमार, अतुल और अनूप के खिलाफ किशोरी को भगाने की नामजद रिपोर्ट करा दी। झूंसी पुलिस ने किशोरों को फोनकर बुलाया। खुद को निर्दोश मानकर चारों झूंसी थाने पहुंच गए। आरोप है कि मामले की विवेचना कर रहे दरोगा जमील खान ने आनन-फानन बिना पड़ताल के चारों को जेल भेज दिया। घटना के एक माह बाद भी पुलिस किशोरी को बरामद नहीं कर सकी। इस बात को लेकर जेल भेजे गए युवकों के परिजनों के साथ मोहल्ले के लोगों में खासा आक्रोश था। अभी भी चारो जेल में बंद है।
शुक्रवार दोपहर में आरोपी युवकों के परिजनों के साथ दर्जनों लोग झूंसी थाने पहुंचे और विरोध जताने लगे। क ोतवाल और दरोगा के खिलाफ दर्जनों लोगों को नारेबाजी करते देख थाने में अफरातफरी मच गई। परिजनों के साथ आए एक डॉ. एसएन यादव ने शर्ट उतारकर विरोध प्रदर्शन करने लगे। यह देखकर कोतवाल राम दरश यादव पहुंचे। उन्होंने लोगों को समझाने का प्रयास किया तो बात बढ़ गई। प्रदर्शनकारियों की इंस्पेक्टर से हाथापाई होने लगी। किसी तरह लोगों ने बीचबचाव कर कोतवाल को बचाया।
वहीं डॉ. ने न्याय न मिलने पर थाने की चौखट पर आत्मदाह की धमकी देने लगे। थाने में हंगामा बढ़ता देख कोतवाल सकते में आ गए। इसकी जानकारी एसपी गंगापार दिगंबर कुशवाहा को दी। एसपी के पहुंचने के बाद हंगामा शांत हुआ। उन्होंने लोगों को आश्वासन देकर शांत कराया। एसपी ने कहा कि मामले की विवेचना दरोगा जमील खान से लेकर दूसरे थाने से कराई जाएगी। साथ ही दरोगा के खिलाफ जांच के लिए एसएसपी से सिफारिश की है। वहीं नाराज लोगों ने चेतावनी दी है कि 72 घंटे में इंसाफ नहीं मिला तो एसएसपी का घेराव करेंगे।
एसपी गंगापार दिगबंर कुशवाहा ने इंस्पेक्टर रामदरश यादव और दरोगा जमीन खान को थाने में जमकर लताड़ लगाई। इंस्पेक्टर से कहा कि इनके साथ अन्याय हुआ है। एसपी की फटकार के बाद कोतवाल और दरोगा का चेहरा सूख गया। एसपी ने माना की पुलिस ने लापरवाही की है।
एसपी दिगंबर कुशवाहा ने बताया कि एसआई जमील खान का ट्रांसफर हो चुका है। लेकिन इसके बाद भी वह थाने में डटा हुआ था। उसे थाने से रिलीव कर दिया गया है। लापरवाही बरतने वाले दरोगा के खिलाफ जांच होगी।