इलाहाबाद। दो दिन पूर्व जिला अदालत परिसर में इंस्पेक्टर कर्नलगंज सिद्धार्थ तोमर से मारपीट की घटना को हाईकोर्ट ने गंभीरता से लिया है। मारपीट करने के आरोपी दो वकीलों राजकुमार ओझा और सीपी तिवारी को अगली सुनवाई 18 नवंबर तक कचहरी परिसर में प्रवेश करने से रोक दिया तथा जिला अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष और मंत्री को नोटिस जारी कर दिया है।
जिला अदालतों की सुरक्षा व्यवस्था और मूलभूत ढांचे में सुधार के मामले की सुनवाई कर रही सात जजों की पीठ ने प्रकरण पर संज्ञान लेते हुए यह कार्रवाई की है। अगली सुनवाई पर आरोपी वकीलों और संघ पदाधिकारियों को अपना पक्ष रखने के लिए कहा गया है। वृहदपीठ ने अलीगढ़ जिला अदालत में एसीजेएम अच्छे लाल गुप्ता के साथ हुई बदसलूकी के मामले में भी वहां के बार अध्यक्ष जगदीश सारस्वत और सचिव हरिओम वार्ष्णेय के खिलाफ चल रही कार्रवाई का रजिस्टर तलब किया है। दोनों पदाधिकारियों ने कोर्ट के सामने अपना पक्ष रखा मगर अदालत उससे संतुष्ट नहीं थी।
उल्लेखनीय है कि जिला कचहरी में 27 अक्तूबर को पूर्व कर्नलगंज इंस्पेक्टर ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों की जांच करने गए थे। उसी दौरान उनकी कुछ वकीलों से कहासुनी हो गई। वकील और इंस्पेक्टर आपस में भिड़ गए। आरोप है कि वकीलों ने इंस्पेक्टर से हाथापाई की। बाद में पुलिस ने दो वकीलों को नामजद करते हुए कई अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया। वृहदपीठ के समक्ष बृहस्पतिवार को यह मामला उठा। कोर्ट ने बार-बार हो रही ऐसी घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए दोनों वकीलों के परिसर में अगले आदेश तक के लिए प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया है।