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दर्जनों वेल्डरों से पूछताछ, सिलेंडर दुकानों पर भी पड़ताल

Sat, 01 Dec 2018 02:11 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, प्रयागराज
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प्रयागराज - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो,प्रयागराज
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यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के एटीएम को काटकर 16.61 लाख रुपये उड़ाने वाले चोरों का 24 घंटे बाद भी पुलिस कोई सुराग हासिल नहीं कर सकी। शुक्रवार को दर्जनों वेल्डरों के साथ आक्सीजन सिलेंडर की दुकानों पर भी पहुंचकर जांच पड़ताल की गई लेकिन, सारी कोशिशों का नतीजा सिफर ही रहा। मम्फोर्डगंज स्थित एटीएम से 16.61 लाख रुपये चोरी होने की जानकारी पुलिस को बृहस्पतिवार सुबह मिली तो हड़कंप मच गया। शुक्रवार को पुलिस ने आसपास स्थित वेल्डिंग की दुकानों पर पहुंचकर पूछताछ की। कर्मचारियों का नाम-पता पूछा और यह भी जानकारी हासिल की कि पिछले दो-तीन दिनों से कोई गायब तो नहीं है। दरअसल, जिस सफाई से गैस कटर का इस्तेमाल किया गया, उससे माना जा रहा है कि वारदात में कोई एक्सपर्ट जरूर शामिल था। यही वजह है कि पुलिस की नजर वेल्डिंग की दुकानों पर काम करने वाले कर्मचारियों पर भी है।
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फिलहाल आसपास की दुकानों पर पूछताछ में किसी भी ऐसे कर्मचारी का पता नहीं चला है जो गायब हो। ऐसे में अब आसपास के थाना क्षेत्रों में स्थित दुकानों पर पूछताछ की तैयारी है। उधर, एक टीम ने ऑक्सीजन सिलेंडर की दुकानों पर भी पहुंचकर जानकारी हासिल की। रामबाग के साथ ही लीडर रोड पर स्थित दुकानों पर पहुंचकर पुलिसकर्मियों ने पूछताछ की। पता लगाया कि पिछले दो-तीन दिनों में कोई नया व्यक्ति तो सिलेंडर लेने नहीं पहुंचा। इंस्पेक्टर सत्येंद्र सिंह का कहना है कि पुलिस हर बिंदुओं को ध्यान में रखकर जांच में जुटी है।

पुलिस की नजर उन गिरोह व अपराधियों पर भी है जो पूर्व में इस तरह की घटनाओं में शामिल रह चुके हैं। चकिया में पांच साल पहले एटीएम काटते तीन लोग गिरफ्तार किए गए थे। उधर, झूंसी व नैनी में भी इस तरह की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। पुलिस सूत्रों की मानें तो इस समय ऐसी घटनाओं में शामिल रहे कई अपराधी जमानत पर जेल से बाहर हैं। ऐसे में उनके बारे में जानकारी जुटाई जा रही है।
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एटीएम से 16.61 लाख की लूट के मामले में पुलिस के रडार पर कैश मैनेजमेंट कंपनी के कर्मचारी भी हैं। दरअसल जिस तरह से वारदात को अंजाम दिया गया, उससे इस बात की पूरी संभावना है कि एटीएम व सर्विलांस सिस्टम का बेहद जानकार व्यक्ति भी इसमें शामिल हो। यही वजह है कि पुलिस की नजर कंपनी कर्मचारियों पर है। उधर, क्राइम ब्रांच ने संदिग्ध नंबरों को सर्विलांस पर लगाया हे। पुलिस का मानना है कि वारदात को रात दो बजे के बाद अंजाम दिया गया। इससे पहले 22.11 पर भी बदमाश एटीएम केबिन के भीतर पहुंचे थे।

वहां पहुुंचने के बाद उन्होंने केबिन और मशीन में लगे कैमरे का कनेक्शन काट दिया। पुलिस ने मौके से बरामद डीवीआर की जांच पड़ताल की तो इस बात की जानकारी हुई क्योंकि कैमरे में 22.11 बजे के बाद कोई भी रिकॉर्डिंग नहीं थी। खास बात यह कि कैमरे बंद करने के लिए उसके तार नहीं काटे गए थे। बल्कि डीवीआर में लगी उनकी लीड निकाल दी गई थी। इसके अलावा बदमाशों का डीवीआर मौके पर छोड़कर जाना भी इस तरफ इशारा कर रहा है कि घटना में एटीएम व सर्विलांस सिस्टम का कोई बेहद जानकार व्यक्ति जरूर शामिल था। यही वजह है कि कैश मैनेजमेंट कंपनी के कर्मचारियों पर भी पुलिस की नजर है। पुलिस ने बृहस्पतिवार को मौके पर बुलाकर भी कर्मचारियों से पूछताछ की थी और कुछ कर्मचारियों से शुक्रवार को भी पूछताछ हुई। कर्नलगंज पुलिस का कहना है कि फिलहाल हर संदिग्ध पर नजर रखी जा रही है। कई संदिग्ध नंबरों के बारे में भी पता चला है कि जिन्हें सर्विलांस पर लगाया गया है।

मम्फोर्डगंज एटीएम से लाखों रुपये की लूट के मामले के तार एसआरएन अस्पताल से जुड़े हो सकते हैं। इस वारदात के एक दिन पहले ही अस्पताल से ऑक्सीजन सिलेंडर चुराने की कोशिश की गई थी। सिलेंडर ले जा रहे रिक्शा चालक ने पुलिस को बताया था कि उसे मीरापुर सिलेंडर पहुंचाने को कहा गया था। खास बात यह है कि जिसने उसे यह ठेका दिया था, वह उसी रात से फरार है।

मम्फोडगंज में एटीएम से नगदी चोरी की घटना 28 नवंबर की रात हुई। इससे ठीक एक दिन पहले यानी 27 नवंबर को एसआरएन अस्पताल से ऑक्सीजन सिलेंडर चोरी करने की कोशिश हुई थी। एक व्यक्ति पुरानी बिल्डिंग की ओर से ट्रॉली पर कुछ ले जाते हुए दिखा तो शव चुराने का हल्ला मचा। एसआरएन चौकी पुलिस ने आरोपी ट्रॉली चालक को पकड़ा तो पता चला था कि ट्रॉली पर सिलेंडर ले जाया जा रहा था। ट्रॉली चालक ने खुद को असरावल खुर्द निवासी रामबली बताया था। पूछताछ में उसने बताया था कि दो लोगों ने एसआरएन अस्पताल की पुरानी बिल्डिंग से सिलेंडर लाकर उसे दिया। साथ ही यह कहा कि सिलेंडर लेकर मीरापुर चलो, हम पीछे से आते हैं। सूत्रों की मानें तो जिन लोगों ने रिक्शा चालक को सिलेंडर दिया, उनमें से एक अस्पताल कर्मचारी का बेेटा था। खास बात यह कि वह उसी रात से गायब है। कोतवाली पुलिस का कहना है कि उसकी तलाश की जा रही है। इस बात की भी संभावना जताई जा रही है कि हो सकता है कि अस्पताल से सिलेंडर चुराने की कोशिश व मम्फोर्डगंज में एटीएम लूट की घटना का आपस में कोई कनेक्शन हो। हो सकता है कि यह सिलेंडर इसी वारदात के लिए चुराया जा रहा हो। हालांकि यह प्लान सफल नहीं हो पाया। जिसके बाद बदमाशों ने कहीं और से ऑक्सीजन सिलेंडर का इंतजाम किया हो।
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