परिजनों ने सत्यम की तलाश शुरू की लेकिन देर रात तक उसके बारे में कोई जानकारी नहीं मिल सकी। अगले दिन पिता राजकुमार ने पुलिस को उसके लापता होने की तहरीर दी तो गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज की गई। परिजनों ने दूसरे दिन ग्रामीणों के साथ शीतला मंदिर के पास छोटे तालाब में जाल डाल कर काफी देर तक तलाश की लेकिन कुछ नहीं मिला। रविवार सुबह गांव का युवक प्रदीप शौच के लिए बगीचे की ओर गया था। तभी शीतला देवी के मंदिर के पास वाले तालाब में सत्यम का उतराया शव देखा तो शोर मचाया।
इसके बाद मासूम के परिजनों के साथ ही इलाकाई पुलिस मौके पर पहुंची। सत्यम के दाईं जांघ और गुप्तांग के काफी हिस्से का मांस गायब था। मौके पर डॉग स्क्वॉयड व फोरेंसिक टीम पहुंची और तफ्तीश की। कुत्ता तालाब के बगल सरसों के खेत में कुछ दूर दूर तक गया। वहां पर सरसों की फसल दबी हुई दिखाई दी और पत्तियों पर खून के निशान भी मिले। इससे पुलिस को शक है कि मासूम सत्यम की हत्या सरसों के खेत में ही कर दी गई होगी।
बाद में शव को ठिकाने लगाने के लिए तालाब में फेंका गया होगा। यह भी आशंका जताई जा रही है कि मासूम के शव को आवारा कुत्ते घसीटकर तालाब तक ले जा सकते हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से साफ हुआ है कि सत्यम के गले हड्डी टूटी हुई थी। आशंका है कि मासूम सत्यम की गर्दन मरोड़कर हत्या की गई होगी।
पुलिस ने पिता राजकुमार की तहरीर पर रतनलाल, अर्जुन, गोपाल पुत्र रतनलाल, तारा देवी पत्नी रतन लाल निवासी अजबैया, सुदनीपुरकला, रतनलाल के साले होरीलाल निवासी मुगरसन थाना उतरांव, ग्राम प्रधान देवराज तथा पावश सिंह निवासी सुदनीपुरकला के खिलाफ हत्या समेत अन्य धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की है।
सोमवार को गोपाल, रतनलाल, तारा देवी निवासी अजबैया व होरीलाल निवासी मुगरसन, उतरांव को जेल भेज दिया जबकि फरार अर्जुन की तलाश में दबिश दी जा रही है। दो अन्य नामजद ग्राम प्रधान देवराज व पावश सिंह की भूमिका की जांच की जा रही है। एसओ अरविंद कुमार राय ने बताया कि आरोपियों ने अभी तक सत्यम की हत्या करना स्वीकार नहीं किया है। हत्या के दूसरे एंगल पर भी जांच की जा रही है।