सोमवार का दिन ट्रेनों और बसों में सफर करने वाले आम मुसाफिरों के लिए मुश्किल भरा साबित हुआ। पुलिस भर्ती प रीक्षा में परीक्षार्थियों की भारी भीड़ की वजह से जंक्शन से गुजरने वाली सभी प्रमुख ट्रेनें यात्रियों से ठसाठस हो गई। परीक्षा खत्म होने के बाद ट्रेनों में जगह न मिलने की वजह से काफी परीक्षार्थियों ने आरक्षित कोचों में ही कब्जा कर लिया। इससे उन लोगों को खासी परेशानी हुई जिनका रिजर्वेशन ट्रेनों में पहले से ही था लेकिन आज उन्हें अपनी ही सीट से बेगाना हो जाना पड़ा। रोडवेज की बसों का और भी बुरा हाल रहा। बसों के अंदर तो परीक्षार्थी बैठे ही उससे कहीं ज्यादा उसकी छतों पर भी वे दिखे। परीक्षार्थियों की भीड़ की वजह से रोडवेज को दिन भर में 50 अतिरिक्त बसें चलानी पड़ी।
पुुलिस भर्ती परीक्षा में शामिल होने आए परीक्षार्थियों ने इलाहाबाद जंक्शन पर रेलकर्मियों के नाक में दम कर दिया। पहली पॉली की परीक्षा समाप्त होने के बाद परीक्षार्थियों का हुजूम जंक्शन की ओर कूच कर गया। मुगलसराय की ओर जाने वाले परीक्षार्थियों की संख्या खासी रही। इस दौरान जोधपुर-हावडा, नंदन कानन, नार्थ ईस्ट, कालका मेल ट्रेनें जंक्शन पहुंची तो उसके स्लीपर समेत सभी एसी कोच में परीक्षार्थी घुस गए। सैकड़ों की संख्या में परीक्षार्थियों के ट्रेन में घुस जाने की वजह से आम यात्रियों को भी परेशानी हुई। भीड़ के आगे आरपीएफ और जीआरपी के जवान भी बेबस हो गए। किसी तरह से एसी कोचों से कुछ परीक्षार्थियों को बाहर निकाला गया। एसी कोच के अंदर आरक्षित बर्थ में बैठने को लेकर परीक्षार्थियों की यात्रियों से खूब झड़प हुई। स्टेशन से भीड़ निकालने के लिएमुगलसराय-इलाहाबाद मेमू को फतेहपुर तक भेज दिया गया।
जंक्शन पर परीक्षार्थियों की भीड़ से जब प्लेटफार्म भर गया तो सैकड़ों की संख्या में परीक्षार्थी ट्रैक के दूसरी ओर खड़े हो गए। इस दौरान मुगलसराय मेमू प्लेटफार्म नंबर छह पर आई तो उसमें चढ़ने के लिए मारामारी हो गई। चंद मिनट में ही मेमू ट्रेन परीक्षार्थियों से भर गई। यही स्थिति चुनार मेमो की भी रही। इसके भी सभी कोच कुछ ही देर में परीक्षार्थियों की भीड़ से ठसाठस हो गए। इसके पूर्व इलाहाबाद जंक्शन से मेरठ जाने वाल संगम एक्सप्रेस के भी स्लीपर एवं एसी कोच में ढेरों परीक्षार्थी घुस गए। उधर इलाहाबाद सिटी (रामबाग) स्टेशन पर भी विभूति और सिकंदरबाद एक्सप्रेस की रवानगी के वक्त परीक्षार्थियों की भीड़ को नियंत्रित करने में आरपीएफ कर्मियों को खासी मशक्कत करनी पड़ी। रामबाग आरपीएफ प्रभारी राजेश कुमार ने बताया कि विभूति के एसी कोच में भी परीक्षार्थी घुस गए थे। बड़ी ही मुश्किल से उन्हें बाहर निकाला जा सका।
रोडवेज के सिविल लाइंस बस स्टेशन पर रविवार की रात से ही भीड़ जुटनी शुरू हो गई। सोमवार को भी बस स्टेशन पर जबर्दस्त भीड़ रही। भीड़ के आगे बसें भी कम पड़ गई। आलम ये रहा कि स्टेशन परिसर में बस के आते ही परीक्षार्थी उसके पीछे भागते लगे। ढेरों परीक्षार्थी ऐसे रहे जो भीड़ की वजह से बसों के दरवाजे की बजाय उसकी खिड़की के रास्ते अंदर दाखिल हुए। दिन में कैंट डिपो वाराणसी की एक बस में ड्राइवर की सीट पर दो परीक्षार्थी बैठ गए। जब ड्राइवर आया तो उनसे सीट से हटने को कहा। लेकिन छात्र बोले कि थोड़ा एडजस्ट कर लो। बाद में रोडवेज के अफसरों ने छात्रों को समझा बुझाकर सीट से उठवाया। सिविल लाइंस स्टेशन पर आने वाली शायद ही ऐसी कोई बस रही होगी जिसके छत पर छात्र न बैठे हो। वॉल्वो और जनरथ बसों में भी परीक्षार्थी जबरन सवार हुए।
भीड़ की वजह से 25 सिटी बसें सोमवार को शहर के बाहर भी भेजी गई। वाराणसी एवं अन्य रूटों पर इलाहाबाद सिटी ट्रांसपोर्ट लिमिटेड की 25 बसें रवाना की गई। इन बसों में काफी संख्या में परीक्षार्थी बैठे। रोडवेज के क्षेत्रीय प्रबंधक डा. हरिशचंद्र यादव भी सिविल लाइंस एआरएम आरपी सिंह, लीडर रोड एआरएम आरएस पांडेय आदि अफसरों के साथ दिन भर सिविल लाइंस बस स्टेशन पर रहे। क्षेत्रीय प्रबंधक ने बताया कि वाराणसी, आजमगढ़ और जौनपुर रूट पर जाने वाले परीक्षार्थियों की भीड़ ज्यादा रही। दिन भर में संबंधित रूट पर 50 अतिरिक्त बसें चलाई गई।
सोमवार की रात हुई बारिश ने भी इलाहाबाद जंक्शन और सिविल लाइंस बस स्टेशन परिसर में एकाएक भीड़ बढ़ा दी। दरअसल तमाम परीक्षार्थी सिविल लाइंस एवं सिटी साइड सर्कुलेटिंग एरिया में ही चादर आदि बिछाकर आराम कर रहे थे। इसी बीच बारिश होते ही सभी परीक्षार्थी सुरक्षित स्थानों की तरफ भागने लगे। जंक्शन के मुख्य हाल में तिल भर रखने को जगह नहीं बची। यही हाल सिविल लाइंस साइड के पोर्टिकों का रहा। उधर सिविल लाइंस बस स्टेशन पर भी परीक्षार्थियों मुख्य हाल के नीचे ही काफी देर तक बारिश से बचने के लिए खड़े रहे। मंगलवार को भी परीक्षा होने की वजह से इलाहाबाद आने वाली ट्रेनों और बसों से भी देर रात तक परीक्षार्थियों के आने का सिलसिला जारी रहा।