इलाहाबाद हाईकोर्ट ने शासकीय अधिवक्ता को निर्देश दिया है कि वह अपने कार्यालय को अग्रिम जमानत अर्जी की नोटिस मिलने के दो दिन के भीतर आवश्यक जानकारी मंगा ले ताकि अर्जी की त्वरित सुनवाई हो सके। कोर्ट ने कहा है कि यदि दो दिन मे जानकारी नही दी तो कोर्ट उपलब्ध तथ्यों के आधार पर सुनवाई करेगी।कोर्ट ने कहा है कि अंतरिम अग्रिम जमानत के बाद अंतिम अग्रिम जमानत देना त्वरित न्याय के हित मे नहीं है।
यह आदेश न्यायमूर्ति सिद्धार्थ ने फूलपुर वाराणसी के गोविन्द मिश्र उर्फ छोटू की अग्रिम जमानत अर्जी पर दिया है। कोर्ट ने याची की अंतरिम अग्रिम जमानत मंजूर कर ली है । कोर्ट ने कहा है कि जमानत अर्जी दाखिल करने से दो दिन पूर्व शासकीय अधिवक्ता कार्यालय को नोटिस देने का हाईकोर्ट रूल्स में उपबंध है।किन्तु अग्रिम जमानत अर्जी के लिए ऐसा कोई उपबंध नहीं है।अधिवक्ता नोटिस देकर अर्जी दाखिल कर रहे हैं। किन्तु जी ए आफिस में जानकारी न मिल पाने के कारण समय देकर अंतरिम अग्रिम जमानत देनी पड़ रही है। इसपर कोर्ट ने शासकीय अधिवक्ता को दो दिन मे जानकारी प्राप्त करने का निर्देश दिया है ।