हाईकोर्ट ने प्रदेश सरकार से पूछा है कि प्राइवेट डॉक्टरों, नर्सिंग होम और पैथालॉजी सेंटर के पंजीकरण नवीनीकरण के लिए प्रस्तावित कानून की क्या स्थिति है। अदालत ने जानना चाहा है कि संबंधित कानून को लेकर अधिनियम विधानसभा में पारित हो सका है या नहीं। अपर महाधिवक्ता सीबी यादव ने जवाब दाखिल करने के लिए कोर्ट से दो सप्ताह की मोहलत मांगी है। कोर्ट ने जानना चाहा है कि पंजीकरण के लिए ऑनलाइन व्यवस्था प्रारंभ हो सकी है अथवा नहीं।
डॉ. एसएस कपूर और आगरा नर्सिंग होम ने याचिका दाखिल कर सीएमओ कार्यालय द्वारा पंजीकरण का नवीकरण करने की बाध्यता को चुनौती दी गई है। याची का कहना है कि क्लीनिकल स्टैबलिशमेंट एक्ट 2010 को लागू करने के लिए सरकार ने विधानसभा में विधेयक रखा है। सरकार की ओर से आश्वासन दिया गया कि संबंधित कानून शीघ्र लागू कर दिया जाएगा मगर अब तक इस दिशा में कोई प्रगति नहीं हुई है। महानिदेशक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य की ओर से जारी परिपत्र में कहा गया है कि पंजीकरण की प्रक्रिया को सरल करने के इरादे से ऑनलाइन पंजीकरण की व्यवस्था की जा रही है। सरकार के अधिवक्ता ने बताया कि ऑनलाइन पंजीकरण की व्यवस्था कर दी गई है।