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लखनऊ में रजिस्टर्ड कागज फर्म इलाहाबाद में कर रही कारोबार

Wed, 11 May 2016 02:40 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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टैक्स की चोरी करने के लिए नए-नए हथकंडे आजमाए जा रहे हैं। वाणिज्य कर विभाग ने बुधवार को बादशाही मंडी और साउथ मलाका में दो कागज गोदामों पर छापामार कर बड़े पैमाने पर कर चोरी पकड़ी। मजे की बात यह कि जिस फर्म के दोनों गोदामों पर छापा मारा गया, वह लखनऊ में रजिस्टर्ड हैं। जांच में नोएडा से स्वीकृत आयात घोषणा पत्र (फॉर्म 38) और इलाहाबाद के कई रजिस्टर्ड व्यापारियों के फॉर्म सी मिले हैं। अफसरों ने जांच के दौरान बड़ी संख्या में संदिग्ध प्रपत्र सीज किए। प्रारंभिक जांच में इस वित्तीय वर्ष के एक माह के कारोबार में ही तकरीबन पांच लाख की कर चोरी का खुलासा हुआ है।
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लखनऊ में रजिस्टर्ड सार्थक पेपर का यहां बादशाही मंडी एवं साउथ मलाका में गोदाम है। इसमें एक गोदाम तो घोषित है, जबकि दूसरा अवैध रूप से खोला गया है। यहां से बड़े पैमाने पर कागज का कारोबार हो रहा था। लगातार निगरानी के बाद वाणिज्य कर विभाग के एडिशनल कमिश्नर ग्रेड वन अम्बेश श्रीवास्तव के निर्देश पर अफसरों की दो टीमों ने बुधवार को दिन में एक बजे बादशाही मंडी एवं साउथ मलाका स्थित गोदामों में एक साथ छापा मारा। अफसरों के पहुंचते ही वहां हड़कंप मच गया। इस दौरान अफसरों ने गोदाम को भीतर से बंद कराके जांच शुरू की। जांच में स्टाक और प्रपत्रों में काफी अंतर मिला। गोदाम में नोएडा से स्वीकृत फॉर्म 38 और फॉर्म सी बरामद होने पर अफसर भी भौचक रह गए।

करीब चार घंटे चली जांच में सभी संदिग्ध प्रपत्रों को सीज किया गया। एडिशनल कमिश्नर ने बताया कि अभी इस वित्तीय वर्ष की खरीद-बिक्री जांच में ही करीब पांच लाख की कर चोरी का पता चला है। बताया कि सीज प्रपत्रों की जांच के बाद ही कर चोरी का सही आंकलन हो सकेगा।
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