ट्रिपलआईटी में सूचना और सूचना संचार प्रौद्योगिकी विषय पर अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन
प्रयागराज। सूचना संचार प्रौद्योगिकी का क्षेत्र सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) से अधिक व्यापक हो गया है। इसलिए अब हमें सूचना के युग में इसकी प्रामाणिकता के लिए एक प्रज्ञावान तंत्र (आर्टिफिसियल इंटेलीजेंस) विकसित करना होगा। भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (ट्रिपलआईटी) में सूचना और सूचना संचार प्रौद्योगिकी शुक्रवार को शुरू हुए अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन में निदेशक प्रो. पी नागभूषण ने यह बातें कही।
एमएनएनआईटी के निदेशक प्रो.राजीव त्रिपाठी ने कहा कि पिछले दो दशक में सूचना का व्यापक विस्तार हो गया है। अब कोई भी सूचना कुछ सेकंड के भीतर किसी भी व्यक्ति तक पहुंच जाती है। उन्होंने कहा की दोनों संस्थान ट्रिपलआईटी एवं एमएनएनआईटी को मिलकर अगले 25 वषों में प्रयागराज को पुणे, हैदराबाद, बैंगलोर जैसे आईटी केंद्र के रूप स्थापित करने के लिए आगे आना होगा।
सूचना के इस विस्तारित जाल में हमें सूचनाओ की प्रमाणिकता पर कार्य करना होगा। इसके लिए नई तकनीक का विकास करना होगा। उन्होंने कहा कि अनुसंधान कार्य में गुणवत्ता ना होने के कारण प्रौद्योगिकी पूरी तरह से विकसित नहीं हो पा रही है।
मदन मोहन मालवीय इंजीनियरिंग कॉलेज गोरखपुर के निदेशक प्रो एसएन सिंह ने कहा कि आर्थिक विकास और व्यवसाय विकास के लिए आईसीटी का महत्व बढ़ता जा रहा है। आईसीटी समाज में व्यापक बदलावों को भी रेखांकित करता है। इस नए युग को अक्सर डिजिटल युग कहा जाता है। सम्मेलन में ट्रिपलआईटी कांचीपुरम के प्रो. एस पांडियन, ट्रिपलआईटी ग्वालियर के प्रो. आदित्य त्रिवेदी, प्रोफेसर शेखर वर्मा, डॉ गौरव शर्मा, डॉ. सतीश कुमार सिंह, प्रो. यूएस तिवारी, डॉ शिरशु वर्मा, प्रो. ओपी व्यास, प्रो अनुपम, डॉ. बृजेंद्र सिंह,नीतेश पुरोहित शामिल रहे।