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वीडियो कांफ्रेंसिंग से जुड़े भारत-जर्मनी के शिक्षण संस्थान

Fri, 05 Apr 2019 12:02 AM IST
विनोद सिंह न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
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इलाहाबाद विश्वविद्यालय
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इलाहाबाद विश्वविद्यालय में चल रही जैव-बिग डाटा विज्ञान पर आधारित भारतीय-जर्मन शोध प्रशिक्षण ग्रुप की पांच दिवसीय कार्यशाला में बृहस्पतिवार को दोनों देशों के प्रमुख शिक्षण संस्थान वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से एक-दूसरे से जुडे़। वीडियो कांफ्रेंसिंग के आधार पर ही तय होगा कि भारत और जर्मन कौन से साइंटिस्ट साथ मिलकर रसिर्च के क्षेत्र में काम करेंगे। बिग डाटा रिसर्च के लिए इविवि समेत आईआईटी मद्रास, कानपुर, गुवाहाटी और जेएनयू का जर्मनी के हाइडेलबर्ग विश्वविद्यालय से करार हुआ है। सभी शिक्षण संस्थानों से दो-दो लोगों को जर्मनी विश्वविद्यालय के साथ संयुक्त रूप से शोध करने के लिए चयनित किया गया है।

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वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये सभी शिक्षण संस्थानों के प्रतिनिधियों ने बताया कि वे किस क्षेत्र में रिसर्च कर रहे हैं और इसके आगे कैसे बढ़ाएंगे। इलाहाबाद विश्वविद्यालय की ओर से प्रो. रामेंद्र सिंह एवं प्रो. एसआई रिजवी ने अपनी बात रखी। हाईडेलबर्ग विश्वविद्यालय के प्रतिनिधि भी इस कांफ्रेंसिंग में शामिल थे। कांफ्रेंसिंग के आधार पर ही रिसर्च के लिए अलग-अलग संयुक्त टीमें तैयार की जाएंगी। भारत से 20 चयनितों को जर्मनी में रिसर्च के लिए भेजा जाएगा। वहां छह से आठ हफ्ते के रिसर्च के बाद भारत की ओर से भेजे गए 20 में से 10 शोधार्थी जर्मनी में अपने रिसर्च को आगे बढ़ाएंगे और उन्हें ज्वाइंट सुपरविजन में रिसर्च करने के लिए पीएचडी की उपाधि मिलेगी।

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