कोरांव। कोरांव में आयोजित संविधान महोत्सव को संबोधित करती मुख्य अतिथि। संवाद
आजादी की लड़ाई में कोई जाति या वर्ग विशेष नहीं बल्कि भारत के हर वर्ग ने स्वतंत्रता अभियान में अपना योगदान दिया दिया था। गणतंत्र दिवस, स्वतंत्रता दिवस या अन्य आयोजनों में हम अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करने का संदेश देते हैं, लेकिन देश का विकास पांच किलो निःशुल्क राशन देने से नहीं बल्कि हर बच्चे को शिक्षित बनाने और उसे रोजगार देने से होगा। उक्त बातें अपना दल कमेरावादी की सिराथू की विधायिका डाॅ. पल्लवी पटेल ने कोरांव में आयोजित संविधान महोत्सव कार्यक्रम को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित करते हुए कही।
उन्होंने कहा कि आज 80 करोड़ लोगों को वर्तमान सरकार निःशुल्क राशन मुहैया करा रही है, लेकिन बहुजन समाज को समानता और सम्मान चाहिए। इसके विपरीत लोकतांत्रिक ताकत को धर्म के नाम पर कमजोर करने की साजिश की जा रही है। यूजीसी के नए प्रावधान पर कहा किअगर बहुजन समाज को समान अवसर और सम्मान मिल गया होता तो देश के नौजवान विद्यार्थियों को उच्च शिक्षण संस्थानों में जातीय भेदभाव और शोषण का शिकार न होता पड़ता। उन्होंने यूजीसी बिल के समर्थन में नौजवान छात्रों के साथ आगे चलने की बात कही।
वहीं विशिष्ट अतिथि जिलाध्यक्ष यमुनापार सपा पप्पू लाल निषाद, पूर्व विधायक राम कृपाल कोल, अधिवक्ता हृदय लाल मौर्य, डाॅ. सना उल्ला खान, मो. शारिक ने बहुजन समाज को एकजुट होने का आवाह्न किया।
संविधान महोत्सव आयोजन समिति के अध्यक्ष रविन्द्र कुमार जाटव, सोमदत्त सिंह पटेल, रामानुज यादव ने अतिथियों का स्वागत किया। अध्यक्षता जवाहरलाल जैसलमेर एवं संचालन जयशंकर भारती ने किया। इस मौके पर रामप्रवेश कुशवाहा, लालजी पाल निराला, अजीत सिंह, अजय सिंह, झल्लू आदिवासी, अनिरूद्ध कुशवाहा, महताब खान और ओम प्रकाश सिंह आदि मौजूद रहे।