महंत नरेंद्र गिरि ने कहा कि नागा संन्यासियों को सनातन धर्म के प्रचार-प्रसार के लिए शास्त्र की शिक्षा के साथ ही साथ देश की सीमाओं की रक्षा के लिए शस्त्र की भी शिक्षा दी जाती है। लेकिन,आजादी के बाद देश की सरहद की रक्षा भारतीय सेना बखूबी कर रही है। ऐसे में अखाड़ों के नागा संयासी अपने मठ -मंदिरों में पूजा-अर्चना के साथ धर्म प्रचार में लगे हैं।
परिषद के अध्यक्ष ने कहा कि नागा संन्यासियों के लिए देश सर्वोपरि है और धर्म उसके बाद में। ऐसे में अगर देश को जरुरत पड़ी तो सरकार के एक इशारे पर लाखों की तादात में नागा संन्यासी भी देश की सीमा की हिफाजत के लिए कूच करेंगे। महंत नरेन्द्र गिरि ने कहा कि साधु -संत शहीद सैनिकों की आत्मा की शांति और उनके परिजनों को साहस प्रदान करने के लिए लगातार भगवान से प्रार्थना कर रहे हैं।
इसके साथ ही बड़े हनुमान के दरबार में हनुमान चालीसा का भी पाठ किया जा रहा है, ताकि सेना को हनुमान जी की तरह देश के दुश्मनों से लड़ने के लिए शक्ति मिल सके।
अखाड़ा परिषद के महामंत्री महंत हरि गिरि ने कहा कि सेना के हौसले बुलंद हैं और पीएम मोदी के नेतृत्व में देश आगे बढ़ रहा है। ऐसे में चीन बौखलाया हुआ है और विश्व गुरु बनने जा रहे भारत को अस्थिर करने की कोशिशों में जुटा है। लेकिन सेना चीन के नापाक मंसूबे को कामयाब नहीं होने देगी।